Chhattisgarh

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के पथ पर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के पथ पर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बिलासपुर/रायपुर, 26 जनवरी 2026।
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और सुशासन को आधार बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ आज ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है और विद्युत उत्पादन में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुका है। राज्य तेजी से प्रथम स्थान की ओर बढ़ रहा है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को लेकर सरकार तेज़ी से कार्य कर रही है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। अब तक लगभग 14,948 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। साथ ही श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सरकार की प्राथमिकता बताया।

शिक्षा और स्वास्थ्य में ऐतिहासिक पहल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षकों की कमी को दूर किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है।
स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति से राज्य में अब मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना और हिंदी माध्यम में एमबीबीएस की पढ़ाई को भी उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया।

निवेश, उद्योग और भविष्य की तकनीक

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इस बदलाव की धुरी बनेगा।”

पर्यटन, संस्कृति और सुशासन

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर जैसे पर्यटन स्थलों के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने की बात कही।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और झांकियां बनीं आकर्षण

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों की विकास योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियों ने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए जनभागीदारी का आह्वान किया और कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज के हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।


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Editor Jamhoora

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