Chhattisgarh

राज्यपाल डेका और CM साय ने काफिला रोककर NH-30 के कार्य की प्रगति देखी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त निर्देश

राज्यपाल डेका और CM साय ने काफिला रोककर NH-30 के कार्य की प्रगति देखी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त निर्देश

कोंडागांव। रायपुर से जगदलपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार को केशकाल में उस वक्त प्रशासनिक हलचल बढ़ गई, जब राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अचानक अपना काफिला रोक दिया। कारण था राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर चल रहा सड़क उन्नयन कार्य। मुख्यमंत्री और राज्यपाल दोनों ने मौके पर उतरकर निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि NH-30 बस्तर संभाग की जीवनरेखा है, जो राजधानी रायपुर को बस्तर और अन्य राज्यों से जोड़ती है, ऐसे में सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है।

तय मापदंडों पर समय पर काम पूरा करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में सड़क क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें न आएं।

केशकाल बायपास निर्माण पर भी ली जानकारी

मुख्यमंत्री साय ने केशकाल नगर और केशकाल बायपास के निर्माण कार्य की भी जानकारी ली। कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि बायपास का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए, जिससे यातायात सुगम हो और आम लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

कोंडागांव में “दीदी की रसोई” का निरीक्षण

इसके बाद राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय कोंडागांव पहुंचे, जहां उन्होंने बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित “मोर सुआद–दीदी की रसोई” का निरीक्षण किया। महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में अतिथियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने बस्तर के पारंपरिक व्यंजन फरा और अंगाकर रोटी का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री साय ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत कर उनकी आय और कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि महिलाओं को आजीविका और रोजगार के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए।

लोक कलाकारों के प्रयासों की सराहना

इस दौरान जिले के लोक कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स का भी अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कलाकारों से संवाद कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, बस्तर सांसद, कोंडागांव विधायक, सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।


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Editor Jamhoora

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