दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में शुक्रवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सुकमा में पदस्थ डीएसपी तोमेश वर्मा पर दिनदहाड़े चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में डीएसपी के चेहरे, गले और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना उस समय हुई, जब डीएसपी तोमेश वर्मा यूएपीए से जुड़े एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में जिला न्यायालय आए थे। कोर्ट परिसर से बाहर निकलते ही एक महिला और उसके साथ मौजूद युवक ने अचानक उन पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
डॉक्टर की पत्नी निकली आरोपी महिला, पुराना विवाद आया सामने
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमला करने वाली महिला दुर्ग निवासी एक डॉक्टर की पत्नी है। यही महिला पहले भी डीएसपी तोमेश वर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगा चुकी है। यह मामला अदालत तक पहुंचा था, जहां सुनवाई के बाद डीएसपी को दोषमुक्त कर दिया गया था।
कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद यह पुराना विवाद अब हिंसक मोड़ लेता नजर आ रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि महिला ने यह हमला व्यक्तिगत रंजिश में किया या इसके पीछे कोई पूर्व नियोजित साजिश थी।
परिचित युवक के साथ दिया वारदात को अंजाम
हमले में महिला के साथ एक युवक भी शामिल था, जो उसका परिचित बताया जा रहा है। दोनों ने मिलकर डीएसपी पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपी युवक और महिला के आपसी संबंधों की भी जांच की जा रही है।
पुराना दुष्कर्म मामला फिर चर्चा में
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में महिला ने दुर्ग के मोहन नगर थाने में डीएसपी तोमेश वर्मा के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि प्लॉट खरीद से जुड़े एक पुराने परिचय के दौरान यह घटना हुई थी। हालांकि अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर डीएसपी को सितंबर 2025 में दोषमुक्त कर दिया था।
अब उसी मामले से जुड़ी महिला द्वारा किए गए हमले ने पूरे घटनाक्रम को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और हमले के पीछे की वास्तविक वजह जल्द सामने लाई जाएगी। वहीं, जिला न्यायालय क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल डीएसपी की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि यह मामला कानून-व्यवस्था और व्यक्तिगत विवाद के खतरनाक टकराव की एक गंभीर मिसाल बनता जा रहा है
