नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। महज 30 मिनट के अंतराल में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को दो बड़ी सफलताएं दिलाईं। वहीं, यामिनी मौर्य के फाइनल में पहुंचने से भारत का कम से कम एक और पदक पक्का हो गया है।
अस्मिता डे बनीं जूडो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला
23 वर्षीय अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेडी क्वाच को रोमांचक गोल्डन स्कोर मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं।
फाइनल की शुरुआत अस्मिता के लिए चुनौतीपूर्ण रही। शुरुआती दौर में उन्होंने युको गंवाया और एक पेनल्टी भी झेली, लेकिन शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को गोल्डन स्कोर तक पहुंचाया और अंततः ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने 36 वर्षों बाद भारत को जूडो में स्वर्ण पदक दिलाया।
हर्ष सिंह ने भी बनाया नया कीर्तिमान
अस्मिता की जीत के करीब 30 मिनट बाद, 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज़ को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए।
यामिनी मौर्य ने भी पक्का किया पदक
भारतीय जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य भी अपने वर्ग के फाइनल में पहुंच चुकी हैं। ऐसे में भारत के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित हो गया है। यदि वह फाइनल जीतती हैं तो भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में भी इजाफा होगा।
पदक तालिका में भारत की बड़ी छलांग
जूडो में दो स्वर्ण पदकों के बाद भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है। भारतीय दल अब 5 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य समेत कुल 19 पदकों के साथ 9वें स्थान पर पहुंच गया है। यामिनी मौर्य के फाइनल के बाद भारत के पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
