मुंगेली/रायपुर। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। उनके इस फैसले से नाराज कार्यकर्ताओं ने मुंगेली जिले के पैतृक गांव बटहा में विरोध प्रदर्शन किया और घर के बाहर नारेबाजी करते हुए दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखकर अपना आक्रोश जताया।
गांव में विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी
मंगलवार को बड़ी संख्या में पहुंचे AAP कार्यकर्ताओं ने संदीप पाठक के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उन पर अवसरवाद और विश्वासघात के आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए दीवारों पर विरोधी नारे लिखे और पार्टी छोड़ने के फैसले को जनता के साथ धोखा बताया।
‘थिंक टैंक नहीं, सैप्टिक टैंक’ जैसे विवादित नारे
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने संदीप पाठक को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। दीवारों पर ‘थिंक टैंक नहीं, सैप्टिक टैंक’ जैसे नारे लिखे गए, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और अधिक तीखी हो गई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी ने उन्हें पहचान और जिम्मेदारी दी, लेकिन उन्होंने निजी हित में निर्णय लिया।
पार्टी में भूमिका और राजनीतिक पृष्ठभूमि
संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी में रणनीतिकार के रूप में जाना जाता रहा है। खासकर पंजाब में पार्टी की सरकार बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
AAP से BJP में शामिल होने का मामला
24 अप्रैल 2026 को Raghav Chadha, Sandeep Pathak और Ashok Mittal समेत कई नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया था। इस दौरान सात राज्यसभा सांसदों के समर्थन का भी दावा किया गया था, जिसमें Harbhajan Singh और Swati Maliwal जैसे नाम शामिल बताए गए।
राज्यसभा में बदला समीकरण
इन घटनाक्रमों के बाद राज्यसभा में राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित हुए हैं। जानकारी के अनुसार, बागी सांसदों को भाजपा में शामिल किए जाने के बाद उच्च सदन में पार्टी की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिससे सियासी संतुलन पर भी असर पड़ा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसका असर स्थानीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
