Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: राज्यपाल रमेन डेका ने रखा ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ का रोडमैप, नक्सल उन्मूलन और बस्तर विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: राज्यपाल रमेन डेका ने रखा ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ का रोडमैप, नक्सल उन्मूलन और बस्तर विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण के साथ हुई। अपने संबोधन में राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा को सरकार की अब तक की उपलब्धियों, नीतिगत सुधारों और भविष्य की विकास योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के लक्ष्य के साथ प्रदेश को समावेशी, सुरक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं।

विकसित छत्तीसगढ़ 2047 विजन पर सरकार का फोकस

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब राज्य स्थापना की रजत जयंती से आगे बढ़ते हुए विकसित राज्य बनने की नई यात्रा पर है। सामूहिक प्रयासों और स्पष्ट नीतियों के साथ वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्हीं की परिकल्पना के अनुरूप राज्य आगे बढ़ रहा है।

किसान, महिला और जनजातीय सशक्तिकरण को प्राथमिकता

अभिभाषण में बताया गया कि सरकार की नीतियों का केंद्र अंत्योदय है, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

  • किसानों से समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड धान खरीदी और हजारों करोड़ का भुगतान
  • कृषक उन्नति योजना के तहत अतिरिक्त आर्थिक सहायता
  • भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए वार्षिक सहायता योजना
  • महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘महतारी गौरव वर्ष’ और महतारी वंदन योजना, जिसके तहत लाखों महिलाओं के खातों में नियमित सहायता राशि भेजी जा रही है

नक्सल उन्मूलन के साथ बस्तर में विकास की रफ्तार

राज्यपाल ने कहा कि बीते दो वर्षों में माओवादी हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। सैकड़ों नक्सली न्यूट्रलाइज हुए, हजारों ने आत्मसमर्पण किया और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं।
नक्सल मुक्त इलाकों में ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। बस्तर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की सड़क और पुल परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना में बड़े सुधार

अभिभाषण में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, आयुष्मान भारत योजना के व्यापक लाभ, टीबी और सिकल सेल उन्मूलन में राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहीं युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रियाओं, स्टार्टअप नीति और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया गया है।

औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप और डिजिटल गवर्नेंस

राज्यपाल ने बताया कि नई औद्योगिक नीति, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों और सिंगल विंडो सिस्टम के चलते प्रदेश में अब तक लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। आईटी, एआई, फार्मा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
डिजिटल गवर्नेंस, ई-फाइल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और प्रशासनिक सुधारों से पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ी है।

संस्कृति, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

बस्तर पंडुम, राजिम कुंभ कल्प, साहित्य उत्सव और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की योजनाओं का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण, सौर ऊर्जा को बढ़ावा और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकार का संदेश

अंत में राज्यपाल ने कहा कि ‘अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ के माध्यम से 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है। आम जनता की भागीदारी और फीडबैक के आधार पर नीतियां बनाकर राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प सरकार ने लिया है।


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Editor Jamhoora

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