रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम ने लंबे समय से राजस्व बकाया रखने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। निगम स्तर पर राजस्व वसूली के मामलों में पहली बार डिफॉल्टरों की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए टीम का गठन कर दिया गया है और कार्रवाई की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
नगर निगम की उपायुक्त एवं राजस्व अधिकारी अंजलि शर्मा के मुताबिक, पहले चरण में अलग-अलग मामलों से जुड़े 10 राजस्व डिफॉल्टरों की संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बकाया राशि जमा नहीं करने की स्थिति में संबंधित संपत्तियों को निगम की कार्रवाई के दायरे में लिया जाएगा।
कुर्की से पहले दो नोटिस देगा निगम
नगर निगम के अनुसार, बकाया कर जमा नहीं करने वाले करदाताओं को संपत्ति कुर्क करने से पहले दो बार नोटिस दिया जाएगा। दूसरे नोटिस के बाद संबंधित करदाता को बकाया राशि जमा करने के लिए अंतिम अवसर मिलेगा।
निगम ने बताया कि इस दौरान करदाता को 30 दिनों का समय दिया जाएगा। इस अवधि में बकाया कर जमा कर संबंधित व्यक्ति कुर्की की कार्रवाई से बच सकता है।
समय सीमा खत्म होने के बाद होगी कुर्की
यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भी बकाया राजस्व जमा नहीं किया जाता है, तो नगर निगम संबंधित डिफॉल्टर की संपत्ति के खिलाफ नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई करेगा।
अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई से पहले नोटिस की प्रक्रिया और निर्धारित समय सीमा का पालन किया जाएगा। इसके बाद ही संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
10 मामलों से होगी शुरुआत
नगर निगम पहले चरण में 10 अलग-अलग राजस्व मामलों में संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित राजस्व की वसूली करना और करदाताओं को समय पर टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित करना है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई बकायादारों को स्पष्ट संदेश देने के लिए की जा रही है कि लंबे समय तक राजस्व बकाया रखने पर नियमानुसार सख्त वसूली कार्रवाई की जा सकती है।
