रायगढ़। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 300 किलो गांजा की खेप पकड़ी है। पुलिस ने अंतरराज्यीय तस्करी में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजा, दो लग्जरी वाहन और मोबाइल फोन समेत लगभग 1 करोड़ 86 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा के सोनपुर क्षेत्र से भारी मात्रा में गांजा दो वाहनों के जरिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले पहुंचाया जा रहा है। सूचना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में लैलूंगा पुलिस ने विभिन्न मार्गों पर सघन जांच अभियान शुरू किया।
नाकेबंदी के दौरान कटकलिया मार्ग पर एक इनोवा क्रिस्टा और मारुति सुजुकी एक्सएल-6 को रोककर जांच की गई। जांच के दौरान इनोवा में दो अलग-अलग राज्यों की नंबर प्लेट लगी मिलीं, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। तलाशी लेने पर दोनों वाहनों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस के मुताबिक जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दोनों गाड़ियां और पांच मोबाइल फोन, जिनमें दो आईफोन भी शामिल हैं, जब्त किए गए हैं। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य लगभग 1.86 करोड़ रुपये बताया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गांजे की यह खेप मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में उनके सहयोगियों तक पहुंचाई जानी थी। मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत अपराध दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में निखिल कश्यप (23 वर्ष) निवासी रामानुजगंज, बलरामपुर, रिंकु कश्यप (28 वर्ष) निवासी चिरगापारा, सरगुजा और धर्मेंद्र कुमार मौर्य (27 वर्ष) निवासी अनूपपुर, मध्यप्रदेश शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों और पूरे तस्करी नेटवर्क की तलाश जारी है। इसके लिए विशेष टीमों को सरगुजा और अनूपपुर भेजा गया है। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन आघात के तहत नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
