रायपुर। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच राजधानी पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की है। इस कार्रवाई में आरोपी और उसके परिवार से जुड़ी करोड़ों की संपत्तियों का खुलासा हुआ है। पुलिस को घर से कई लग्जरी वाहन और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, जिसके बाद आर्थिक लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
छापेमारी में क्या मिला
गंज थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने आमानाका स्थित मारुति एनक्लेव में दबिश दी। सर्च ऑपरेशन के दौरान घर में आरोपी के परिजन मौजूद मिले। तलाशी में पुलिस को पांच महंगी कारें, जिनमें बीएमडब्ल्यू और अन्य प्रीमियम वाहन शामिल हैं, के साथ कई संपत्तियों की जानकारी मिली।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के नाम और उसके परिजनों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर संपत्तियां खरीदी गई हैं। इनमें रविभवन क्षेत्र में मोबाइल दुकान, जोरापारा में गोदाम और महासमुंद-बागबाहरा मार्ग पर जमीन शामिल है।
बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जांच तेज
पुलिस अब बाबू खेमानी, उसके भाई करण और परिवार के अन्य सदस्यों के बैंक खातों की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ऑनलाइन सट्टा संचालन के लिए 50 से अधिक आईडी बनाई गई थीं और लेन-देन छिपाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ का इस्तेमाल किया गया।
अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध धन का लेन-देन हुआ है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।
सोशल मीडिया से सट्टे तक का नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि बाबू खेमानी खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर पेश करता था और इसी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नेटवर्क बढ़ाने में करता था। उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें आपत्तिजनक सामग्री भी पाई गई है।
पुलिस को संदेह है कि सोशल मीडिया के जरिए ही सट्टा नेटवर्क को विस्तार दिया गया और नए लोगों को जोड़ा गया।
अन्य कनेक्शन की भी पड़ताल
इस मामले में पुलिस आरोपी के करीबियों और संपर्कों की भी जांच कर रही है। कुछ वीडियो में स्थानीय प्रभावशाली लोगों से उसकी नजदीकी भी सामने आई है, जिसे जांच के दायरे में लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टे के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में अहम कदम है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
