नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को लोक परीक्षा संशोधन विधेयक (Public Examinations Amendment Bill) पर चर्चा विपक्ष के हंगामे के कारण शुरू नहीं हो सकी। छात्रों की कथित पिटाई के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने सदन में नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
विपक्ष के हंगामे से नहीं हो सकी चर्चा
दोपहर 2 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और छात्रों से जुड़े मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग करने लगे। लगातार शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्ष विधेयक पर चर्चा नहीं करना चाहता।
करीब पांच मिनट तक हंगामा जारी रहने के बाद स्पीकर ने सरकार और विपक्ष से शाम 5 बजे तक आपसी सहमति बनाने की अपील की। इससे पहले भी सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे और फिर 2 बजे तक स्थगित की जा चुकी थी। राज्यसभा में भी हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित रही।
जितेंद्र सिंह ने पेश किया लोक परीक्षा संशोधन विधेयक
दिन की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश किया। यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया गया है और इसे सरकार युवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून बता रही है।
धर्मेंद्र प्रधान का NDA सांसदों ने किया स्वागत
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। इस दौरान एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया तथा संसद परिसर में उनके समर्थन में नारे भी लगाए।
गतिरोध खत्म करने की कोशिशें तेज
संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में अखिलेश यादव और के.सी. वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी नेता शामिल रहे।
मंगलवार को होगी NDA संसदीय दल की बैठक
एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक मंगलवार सुबह संसद भवन परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित होगी। बैठक में NEET पेपर लीक, लोक परीक्षा संशोधन विधेयक और संसद में जारी गतिरोध पर चर्चा होने की संभावना है।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से अपील की कि वह अपने सांसदों को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने के लिए समझाए। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए इस पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
