Assam विधानसभा ने बुधवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया। इसके साथ ही असम, Uttarakhand और Gujarat के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। विधेयक का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सह-जीवनसाथी संबंधों के लिए सभी नागरिकों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है।
केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने विधेयक पारित होने पर असम की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भाजपा शासित राज्य हर नागरिक के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
दिनभर चली चर्चा के बाद पास हुआ विधेयक
‘यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक, असम 2026’ पर विधानसभा में पूरे दिन चर्चा चली। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष Ranjit Kumar Das ने मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma से विधेयक को पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा।
विपक्ष ने विधेयक को व्यापक चर्चा के लिए प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। सत्ताधारी दल के सदस्यों के समर्थन के बाद अध्यक्ष ने विधेयक पारित होने की घोषणा की, जिसके बाद सदन में तालियों के साथ इसका स्वागत किया गया।
क्या हैं बिल के प्रमुख प्रावधान?
- बहुविवाह पर पूरी तरह रोक
- लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य
- पुरुषों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष
- महिलाओं की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष
- विवाह और तलाक का सरकारी रजिस्ट्रेशन जरूरी
हालांकि, विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि यह कानून राज्य में रहने वाले अनुसूचित जनजाति समुदायों पर लागू नहीं होगा।
