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एग्जिट पोल पर सियासी घमासान: पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर, TMC ने आंकड़ों को बताया ‘निराधार’

एग्जिट पोल पर सियासी घमासान: पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर, TMC ने आंकड़ों को बताया ‘निराधार’

नई दिल्ली/कोलकाता। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल में मुकाबला बेहद करीबी दिखाया जा रहा है, जहां अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के नतीजे सत्ता की तस्वीर को लेकर अलग-अलग संकेत दे रहे हैं। इस बीच Trinamool Congress ने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए इन्हें वास्तविकता से दूर बताया है।


बंगाल में टक्कर, अलग-अलग दावे

294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत है। कुछ एग्जिट पोल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC की वापसी का अनुमान जता रहे हैं, जबकि कुछ सर्वे भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में बहुमत की संभावना दिखा रहे हैं।

P-MARQ के एग्जिट पोल में बीजेपी को 150 से 175 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि TMC को 118 से 138 सीटों तक सीमित बताया गया है। वहीं पीपल्स पल्स के सर्वे में तस्वीर उलट है, जहां TMC को 177–187 सीटें और बीजेपी को 95–110 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।


TMC ने किया खारिज, बड़े बहुमत का दावा

TMC नेता कुणाल घोष ने एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये पूरी तरह निराधार हैं और जमीनी हकीकत को नहीं दर्शाते। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी 235 से अधिक सीटें जीतेगी, जबकि बीजेपी 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।


कांग्रेस ने भी जताई असहमति

एग्जिट पोल को लेकर Indian National Congress ने भी भरोसा जताने से इनकार किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के वास्तविक फैसले पर भरोसा करती है, न कि एग्जिट पोल पर। उन्होंने 4 मई को आने वाले नतीजों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।


अन्य राज्यों में क्या संकेत

अन्य राज्यों के एग्जिट पोल की बात करें तो असम में बीजेपी की वापसी के संकेत मिल रहे हैं। तमिलनाडु में एम. के. स्टालिन के नेतृत्व में सरकार दोबारा बनने का अनुमान है, जबकि केरल में कांग्रेस की वापसी की संभावना जताई जा रही है। पुडुचेरी में एनडीए के फिर से सत्ता में आने के संकेत मिले हैं।


अंतिम नतीजों पर टिकी निगाहें

एग्जिट पोल के अलग-अलग दावों के बीच अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले वास्तविक चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि किसका आकलन सही साबित होता है।

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Editor Jamhoora

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