जगदलपुर। बस्तर में आयोजित हेरिटेज मैराथन में एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसने खेल भावना और प्रतियोगिता की पारदर्शिता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दौड़ की ट्रैक पर कदमों की जगह ‘पहियों’ का इस्तेमाल कर जीत हासिल करने की कोशिश कैमरे में कैद हो गई—और मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
शिकायत के बाद खुला फर्जीवाड़ा
42 किलोमीटर की इस मैराथन में धावक जहां अपनी क्षमता और हौसले की परीक्षा दे रहे थे, वहीं कुछ प्रतिभागियों ने नियमों को धता बताकर शॉर्टकट अपना लिया।
लोहंडीगुड़ा की प्रतिभागी प्रमिला मंडावी ने आरोप लगाया कि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं नेहा और कौशल्या नेताम ने दौड़ के बीच में वाहन का सहारा लिया।
CCTV फुटेज में सच आया सामने
जैसे ही शिकायत दर्ज हुई, प्रशासन ने तकनीकी जांच शुरू की।
CCTV फुटेज में स्पष्ट दिखा कि दोनों प्रतिभागी एक सूमो वाहन में कुछ दूरी तक सफर करने के बाद फिनिश लाइन से पहले उतरकर फिर से दौड़ में शामिल हो गईं।
यानी जीत की रफ्तार मेहनत से नहीं, बल्कि गाड़ी की स्पीड से तय करने की कोशिश की गई।
आरोप सही, विजेताओं की सूची बदली
फुटेज और जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए—
- दोनों प्रतिभागियों को विजेताओं की सूची से बाहर कर दिया
- और टॉप-10 की नई संशोधित सूची जारी कर दी
हजारों धावकों की मेहनत पर धब्बा
22 मार्च को आयोजित इस मैराथन में हजारों प्रतिभागियों ने ईमानदारी से दौड़ लगाई थी, लेकिन कुछ लोगों की इस हरकत ने पूरे आयोजन की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले का वीडियो सामने आने के बाद अब खेल जगत से लेकर आम लोगों में भी कड़ी नाराज़गी देखी जा रही है।
