Chhattisgarh

रायपुर के 4 कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की बड़ी लापरवाही उजागर, निगम ने जारी किया 7 दिन का नोटिस

रायपुर के 4 कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की बड़ी लापरवाही उजागर, निगम ने जारी किया 7 दिन का नोटिस

रायपुर। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रायपुर नगर निगम, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों में विशेष जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान चार कोचिंग संस्थानों में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं, जिसके बाद उन्हें 7 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

दो दिवसीय अभियान में 7 संस्थानों की जांच

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश और नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में 23 और 24 जून को विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान शहर के सात प्रमुख कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान प्रवेश और निकास मार्ग, फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, वेंटिलेशन, विद्युत सुरक्षा, सीढ़ियों की स्थिति, भवन क्षमता और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई।

इन संस्थानों में मिली गंभीर कमियां

जांच के दौरान अकादजा, आरसीसी अकादमी, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा अकादमी में सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई गंभीर खामियां पाई गईं। निरीक्षण टीम को इन संस्थानों में फायर एनओसी, अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पर्याप्त वेंटिलेशन और विद्युत सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में कमी मिली।

अग्निशमन विभाग ने इन कमियों को गंभीर मानते हुए संबंधित संस्थानों के प्रति असंतोष जताया और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की अनुशंसा की है।

अनअकादमी, विद्यापीठ और एलन में व्यवस्थाएं संतोषजनक

वहीं निरीक्षण के दौरान अनअकादमी, विद्यापीठ और एलन में अधिकांश सुरक्षा मानक निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। हालांकि कुछ स्थानों पर क्षमता के अनुरूप संचालन और वेंटिलेशन से जुड़े सुधारात्मक सुझाव भी दिए गए हैं।

7 दिन में सुधार नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई

नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर सभी सुरक्षा कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जोन अधिकारियों को भवन अनुमति, बीसीसी, स्वीकृत क्षमता, पार्किंग और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि संस्थान सुरक्षा मानकों का पालन करते नहीं पाए गए, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जा रहा है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Editor Jamhoora

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