रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में बेदखली की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बीच रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि रात के अंधेरे में लोगों के घरों पर कार्रवाई करना पूरी तरह गलत है और इसके जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि “मुझसे चर्चा होने के बाद भी लोगों के घरों में तोड़फोड़ की गई। यह किसी भी स्थिति में माफ करने योग्य नहीं है। रात के अंधेरे में इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है। जिन अधिकारियों ने यह किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने दोहराया कि नकटी गांव का मामला बेहद संवेदनशील है और वह पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि गांव के लोगों को बेदखल नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर किया जाना चाहिए, न कि बलपूर्वक कार्रवाई से।
सांसद ने कहा कि वह इस मुद्दे को हर उचित मंच पर उठा रहे हैं और आगे भी ग्रामीणों के हित में अपनी बात मजबूती से रखते रहेंगे।
क्या है पूरा मामला?
रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए सोमवार सुबह प्रशासन ने बेदखली अभियान चलाया। इस दौरान करीब 80 मकानों को ध्वस्त कर दिया गया, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं।
कार्रवाई से पहले रविवार देर रात से ही इलाके में 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। सोमवार सुबह जैसे ही प्रशासन जेसीबी लेकर पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण विरोध में उतर आए। कई लोग मशीनों के सामने खड़े हो गए, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि बरसात के मौसम में किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई कर दी। इसी वजह से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और मामला अब राजनीतिक रूप ले चुका है।
