बेंगलुरु। लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के प्रशंसकों को इस बार विजय परेड देखने को नहीं मिलेगी। टीम प्रबंधन ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की सलाह के बाद सार्वजनिक रोड शो आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया है।
गुजरात टाइटंस को फाइनल में हराकर ट्रॉफी अपने नाम करने के बाद फैंस शहरभर में भव्य जश्न और विजय यात्रा की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन पिछले साल हुए दर्दनाक हादसे को देखते हुए फ्रेंचाइजी ने सतर्क रुख अपनाया है।
पिछले साल की भगदड़ बनी बड़ा कारण
पिछले वर्ष RCB की पहली आईपीएल ट्रॉफी जीत के बाद एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। जश्न के दौरान मची भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई थी और दर्जनों घायल हुए थे। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन और फ्रेंचाइजी किसी भी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं हैं।
पुलिस पहले ही जारी कर चुकी थी चेतावनी
फाइनल मुकाबले से पहले बेंगलुरु पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से संयमित तरीके से जश्न मनाने की अपील की थी। पुलिस ने सड़क पर हुड़दंग, बाइक रैली, स्टंट, पटाखेबाजी और यातायात बाधित करने जैसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
शपथ ग्रहण समारोह से बढ़ी सुरक्षा चुनौती
सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह के चलते भी शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त दबाव है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वीआईपी और राजनीतिक हस्तियों के शामिल होने की संभावना है, जिसके कारण पुलिस बल की व्यापक तैनाती की जा रही है।
ऐसे में प्रशासन के लिए एक साथ दो बड़े आयोजनों की सुरक्षा संभालना चुनौतीपूर्ण माना गया।
सीमित दायरे में होगा जश्न
फ्रेंचाइजी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न जरूर मनाएगी, लेकिन यह कार्यक्रम सीमित और नियंत्रित स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। फिलहाल शहर में किसी रोड शो या सार्वजनिक विजय परेड की योजना नहीं है।
RCB प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए प्रशासनिक निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
