रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार, 4 फरवरी को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने से लेकर पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने, स्टार्टअप, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नगरीय सुविधाओं के विस्तार तक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
10 जिलों में बनेगी एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स
नशे के बढ़ते खतरे को देखते हुए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
इन जिलों में रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा शामिल हैं। इस फैसले से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है।
पुलिस मुख्यालय में बनेगा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG)
कैबिनेट ने पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के गठन को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 44 नए पद सृजित किए गए हैं।
SOG किसी भी बड़ी या आकस्मिक घटना, आतंकी खतरे या गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित विशेष बल के रूप में कार्य करेगा।
छत्तीसगढ़ में खुलेगा फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन
मंत्रिपरिषद ने राज्य में पायलट प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए उड़ान प्रशिक्षण संगठन (FTO) की स्थापना के निर्णय को मंजूरी दी है। यह संस्थान निजी सहभागिता से स्थापित किया जाएगा।
इससे पायलट ट्रेनिंग के साथ-साथ एयरक्राफ्ट रिसाइक्लिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
स्टार्टअप को बढ़ावा देने नई नीति को मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को स्वीकृति दी है। इस नीति के जरिए स्टार्टअप इकोसिस्टम, इन्क्यूबेटर्स और निवेशकों को प्रोत्साहन मिलेगा।
इससे राज्य की स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होगा और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
हाउसिंग बोर्ड की 35 कॉलोनियां निगमों को सौंपने का निर्णय
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित और पूर्ण हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का फैसला लिया गया है।
हस्तांतरण के बाद इन कॉलोनियों में पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं नगरीय निकायों द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे कॉलोनीवासियों को दोहरे मेंटेनेंस शुल्क से राहत मिलेगी।
नवा रायपुर में बनेगा बहुमंजिला शासकीय भवन
नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगम-मंडलों के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और विभागीय कार्य संचालन अधिक सुगम होगा।
सिरपुर और अरपा क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
सिरपुर और अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत विकास कार्यों को तेज करने के लिए शासकीय भूमि आबंटन का अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है। भूमि आबंटन एक रुपये प्रीमियम और भू-भाटक पर किया जाएगा।
लागू होगी ‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति’
राज्य में आईटी सेवाओं को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति को लागू करने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत सभी शासकीय विभाग केवल भारत सरकार द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं से ही सेवाएं लेंगे।
इस नीति से डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, लागत में कमी और 24×7 नागरिक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
मोबाइल टावर योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर योजना को भी स्वीकृति दी है। विशेष रूप से दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
इससे ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, डीबीटी और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच ग्रामीण इलाकों तक सुनिश्चित होगी।
