रायपुर। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन स्थित पार्सल परिसर में बुधवार को करीब 500 किलोग्राम संदिग्ध पनीर मिलने से हड़कंप मच गया। पनीर की गुणवत्ता और शुद्धता पर संदेह होने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (फूड विभाग) की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए।
अमरकंटक एक्सप्रेस से पहुंचा था पनीर
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, यह पनीर अमरकंटक एक्सप्रेस के जरिए रायपुर पहुंचा था और रेलवे पार्सल परिसर में रखा गया था। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह खेप किसकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि पनीर असली है या नकली और मानव उपभोग के लिए सुरक्षित है या नहीं।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
फूड विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि लैब जांच में पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
प्रदेश में पहले भी हो चुकी हैं बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार पहले ही प्रदेश में एनालॉग पनीर के कारोबार पर प्रतिबंध लगा चुकी है। पिछले एक वर्ष के दौरान रायपुर में मिलावटी और संदिग्ध पनीर के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई हुई हैं।
- जुलाई 2025 में बिरगांव स्थित काशी एग्रो फूड्स फैक्ट्री से करीब 2,500 किलो संदिग्ध/एनालॉग पनीर जब्त कर फैक्ट्री सील की गई थी।
- हाल ही में रायपुर की एक अन्य फैक्ट्री से 1,700 किलो पनीर के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे।
लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अब रेलवे स्टेशन पर मिली इस नई खेप की जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।
