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सिद्धिविनायक मंदिर दान मामले में महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन, 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट होगा

सिद्धिविनायक मंदिर दान मामले में महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन, 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट होगा

मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में दान राशि में कथित अनियमितताओं के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर में पिछले पांच वर्षों के दान और चढ़ावे का विशेष ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं। सरकार के इस कदम के बाद मंदिर प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।

5 साल की दान राशि और आभूषणों की होगी जांच

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर मंदिर की दान पेटी में जमा नकदी के साथ-साथ श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों का भी विस्तृत ऑडिट कराया जाएगा। माना जा रहा है कि जांच के बाद मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

अब तक 9 गिरफ्तार, 46 कर्मचारी निलंबित

मामले में मंदिर ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस अब तक 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 46 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने गिरफ्तारी और निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

उन्होंने बताया कि दान पेटी से नकदी गायब होने की घटना सामने आने के बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें कुछ कर्मचारी छोटी दान पेटियों से नकदी निकालते हुए दिखाई दिए।

ट्रस्ट ने कहा- हमने खुद मांगा था ऑडिट

हालांकि, मंदिर ट्रस्ट ने 18 करोड़ रुपये के कथित गबन के आरोपों से इनकार किया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर और ट्रस्टी राहुल लोंढे के अनुसार, ट्रस्ट ने मई महीने में ही कानून एवं न्याय विभाग को पत्र लिखकर पिछले पांच वर्षों के दान का विस्तृत ऑडिट कराने का अनुरोध किया था।

ट्रस्ट का कहना है कि गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के प्रमुख विश्वास नांगरे पाटिल को शिकायत दी गई थी, जिसके बाद पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई और जांच शुरू हुई।

राज ठाकरे के आरोपों के बाद गरमाया मामला

इस पूरे विवाद की शुरुआत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के आरोपों से हुई थी। उन्होंने दावा किया था कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये के दान का गबन किया जाता रहा है। उन्होंने इस मामले में जवाबदेही तय करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठाई थी।

जांच जारी, सामने आ सकते हैं नए खुलासे

सरकार के ऑडिट आदेश के बाद अब मंदिर में पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, दान पेटियों की नकदी, आभूषणों और अन्य चढ़ावे का विस्तृत मिलान किया जाएगा। जांच एजेंसियों का मानना है कि ऑडिट रिपोर्ट के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

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Editor Jamhoora

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