कोरिया। जिले में रेत उत्खनन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दोहरी मौत में बदल गया है। मंगलवार रात फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगाए जाने की सनसनीखेज घटना में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार की मौत के बाद उनके रिश्तेदार वीरू सिंह ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे थे वीरू सिंह
जानकारी के मुताबिक, रेत उत्खनन को लेकर भाजपा नेताओं के बीच विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया था। आरोप है कि विवाद के दौरान फॉर्च्यूनर वाहन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। घटना के समय वाहन में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार समेत कई लोग सवार थे।
आग लगने से भरत सिंह गहरवार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनके रिश्तेदार वीरू सिंह गंभीर रूप से झुलस गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी अंतिम सांस ली।
तीन घायलों का इलाज जारी
घटना में घायल हुए तीन अन्य लोगों का अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि घायलों में योगेन्द्र सिंह की हालत स्थिर है और वह पुलिस को घटना से जुड़ी जानकारी देने की स्थिति में हैं। पुलिस उनके बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
चार आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मामले में सात लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आगजनी सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
अब तक चार आरोपियों अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं तीन अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
रेत उत्खनन विवाद बना खूनी संघर्ष
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेत उत्खनन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद ही इस खूनी घटना की वजह बना। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात पूर्व नियोजित थी या विवाद के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई।
दो लोगों की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है।
