नई दिल्ली। देश के प्रमुख औद्योगिक समूह Vedanta Group पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले की जांच के तहत एजेंसी ने समूह के संस्थापक और चेयरमैन Anil Agarwal से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है।
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई FEMA के संभावित उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। तलाशी अभियान सोमवार से जारी बताया जा रहा है। हालांकि, मामले की प्रकृति और जांच के दायरे को लेकर अभी तक ED की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या है FEMA?
फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) भारत में विदेशी मुद्रा लेन-देन को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून है। इसके तहत विदेशी निवेश, विदेश में धन हस्तांतरण, विदेशी संपत्तियों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाता है।
यदि किसी व्यक्ति या कंपनी पर विदेशी मुद्रा संबंधी नियमों के उल्लंघन का संदेह होता है, तो ED जांच शुरू कर सकती है। ऐसे मामलों में अवैध धन हस्तांतरण, हवाला लेन-देन, विदेशी निवेश नियमों के उल्लंघन या विदेशों में संपत्ति अर्जित करने जैसे पहलुओं की पड़ताल की जाती है।
डीमर्जर योजना के बीच कार्रवाई
यह जांच ऐसे समय में सामने आई है जब वेदांता समूह को हाल ही में अपने बड़े डीमर्जर प्लान के लिए सिक्योर्ड लेनदारों की मंजूरी मिली है। इस योजना के तहत समूह के कारोबार को पांच स्वतंत्र कंपनियों में विभाजित करने की प्रक्रिया चल रही है।
देश की बड़ी मेटल और माइनिंग कंपनियों में शामिल
Vedanta Group खनन, धातु, तेल एवं गैस तथा प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में देश के बड़े कॉरपोरेट समूहों में गिना जाता है। कंपनी एल्युमिनियम और जिंक उत्पादन में अग्रणी है तथा तेल एवं गैस क्षेत्र में भी इसकी महत्वपूर्ण मौजूदगी है।
फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और जानकारियां सामने आ सकती हैं।
