रायपुर। ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। Raipur Police commissioner Dr Sanjeev Shukla के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने मुंबई और गोवा में एक साथ छापेमारी कर मुख्य आरोपी गुलशन उर्फ बाबू खेमानी सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे नेटवर्क से अब तक करीब 2.96 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त किया जा चुका है।
मुंबई और गोवा में एक साथ छापेमारी, हाई-प्रोफाइल नेटवर्क का खुलासा
पुलिस की कार्रवाई के तहत मुंबई से सिंडिकेट के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी के साथ उसके सहयोगी रोहित सिंह और विशाल कश्यप को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से लग्जरी कार, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए।
वहीं गोवा में चल रहे ऑनलाइन सट्टा पैनल पर छापेमारी कर चार ऑपरेटरों को पकड़ा गया। मौके से सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाला पूरा डिजिटल सेटअप—लैपटॉप, 14 मोबाइल और राउटर बरामद किया गया।
सोशल मीडिया से सट्टा नेटवर्क तक, इन्फ्लुएंसर बना मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया है कि बाबू खेमानी पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में सक्रिय था। उसने अपने फॉलोअर्स और संपर्कों का उपयोग कर सट्टेबाजी के नेटवर्क को तेजी से फैलाया।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसने पहले “Metro”, “Color 777” और “Classic X99” जैसे प्लेटफॉर्म संचालित किए। बाद में कार्रवाई से बचने के लिए ‘3Stumps’ और ‘55 Exchange’ जैसे नए प्लेटफॉर्म शुरू किए।
विदेशी कनेक्शन और तकनीकी नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस जांच में आरोपी के विदेश संपर्कों के भी संकेत मिले हैं। बाबू खेमानी पिछले कुछ वर्षों में दुबई और थाईलैंड की कई यात्राएं कर चुका है। आशंका है कि इस नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है।
संगठित तरीके से चलता था सट्टा रैकेट
जांच में सामने आया कि गिरोह बेहद संगठित ढंग से काम कर रहा था। इसमें अलग-अलग लोगों को अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं—
- एक आरोपी देशभर में सट्टा पैनल और आईडी वितरित करता था
- दूसरा बैंक खातों के जरिए लेन-देन संभालता था
- कुछ सदस्य वसूली और कलेक्शन का काम देखते थे
म्यूल बैंक अकाउंट (किराए के खाते) के जरिए लेन-देन को छिपाने की कोशिश की जाती थी।
अब तक 11 मामलों में 64 गिरफ्तार, करोड़ों की जब्ती
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ 11 प्रकरणों में कार्रवाई की है। अब तक 64 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, मोबाइल, लैपटॉप, लग्जरी वाहन समेत कुल लगभग 2 करोड़ 96 लाख रुपये से अधिक का मशरूका जब्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
