रायपुर। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम निर्विरोध सांसद चुनी गई हैं। सोमवार को दोनों नेता Chhattisgarh Legislative Assembly पहुंचीं और आधिकारिक रूप से अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
प्रमाण पत्र लेने के बाद दोनों सांसदों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की खुशी साझा की और गले मिलकर बधाई दी। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और समर्थक भी मौजूद रहे, जिन्होंने दोनों नेताओं को शुभकामनाएं दीं।
नामांकन वापसी के बाद निर्विरोध जीत
राज्यसभा चुनाव में नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गईं। प्रमाण पत्र लेने के बाद दोनों नेताओं ने पार्टी नेतृत्व और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे राज्य और जनता के मुद्दों को राज्यसभा में मजबूती से उठाएंगी।
पहली बार दोनों पार्टियों ने उतारी महिला उम्मीदवार
इस बार राज्यसभा चुनाव में एक खास संयोग देखने को मिला, जब पहली बार दोनों प्रमुख पार्टियों ने महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं, जिनमें अब तीन महिला सांसद प्रतिनिधित्व करेंगी। हालांकि कांग्रेस की रंजीत रंजन का कार्यकाल मई में समाप्त होने वाला है।
फिलहाल राज्यसभा में छत्तीसगढ़ से पांच सांसदों में से पहले चार कांग्रेस के थे, लेकिन अब भाजपा की संख्या बढ़कर दो हो जाएगी, जबकि कांग्रेस के तीन सदस्य रहेंगे।
विधानसभा चुनाव में नहीं मिला था टिकट
दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही महिला नेताओं को 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था, जबकि वे टिकट की दावेदार थीं। अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजकर बड़ी जिम्मेदारी दी है।
फूलोदेवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आती हैं और कांग्रेस का प्रमुख आदिवासी महिला चेहरा मानी जाती हैं। वे लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुनी गई हैं और छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।
वहीं लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से भाजपा में सक्रिय हैं। वे पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुकी हैं और रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष का पद भी संभाल चुकी हैं। अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
