दुर्ग। जिले में सामने आई अफीम की अवैध खेती का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की संलिप्तता सामने आने के बाद पार्टी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel भी अफीम की खेती देखने गांव पहुंच गए, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक Durg कलेक्टोरेट से करीब 12–15 किलोमीटर दूर स्थित Samoda village में मक्के की फसल के बीच अफीम की अवैध खेती किए जाने का मामला सामने आया था। बच्चों द्वारा खेत में घुसकर अफीम के फल तोड़ने के बाद यह बात ग्रामीणों में चर्चा का विषय बनी। पुष्टि होने पर ग्राम सरपंच अरुण गौतम ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
9 एकड़ में हो रही थी खेती
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम भी खेत में फैली अफीम की फसल देखकर हैरान रह गई। करीब 9 एकड़ में अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह भी रात में गांव पहुंचे और खेतों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर अफीम की खेती से जुड़ी पूरी जानकारी दी।
भूपेश बघेल ने किया निरीक्षण
अफीम की खेती की खबर मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel अपने समर्थकों के साथ समोदा गांव पहुंचे और खेत में जाकर स्थिति का जायजा लिया।
इस बीच Deepak Baij ने भी इस मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विनायक ताम्रकार राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प के संयोजक और किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रदेश में अफीम की खेती से सरकार क्या संदेश देना चाहती है।
भाजपा ने किया निलंबित
मामले में नाम सामने आने के बाद Bharatiya Janata Party ने विनायक ताम्रकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष Kiran Singh Deo के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मारकण्डेय ने पत्र जारी करते हुए कहा कि ताम्रकार के कृत्य से पार्टी की छवि धूमिल हुई है, इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध खेती के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
