रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोकतांत्रिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सौ से अधिक पुनर्वासित पूर्व नक्सली आज विधानसभा की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे। इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो लोग कभी भारत के संविधान को नहीं मानते थे, वे आज लोकतंत्र के मंदिर में बैठकर संसदीय प्रक्रिया को समझेंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब समाज की मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व नक्सलियों को सदन की कार्यवाही देखने का अवसर दिया गया है। यह पहल पुनर्वास और विश्वास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पुनर्वास से लोकतंत्र तक का सफर
मीडिया से बातचीत में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इन पूर्व नक्सलियों को उनके निवास पर आमंत्रित कर भोजन कराया गया और सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि आज ये सभी लोग समाज के साथ खड़े हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने व अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कई पूर्व नक्सलियों से व्यक्तिगत चर्चा भी की गई है।
होली से पहले किसानों को बड़ी राहत
गृह मंत्री ने जानकारी दी कि होली से पहले प्रदेश के 24 लाख किसानों के खातों में 10 हजार करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह राशि जल्द ही किसानों को दी जाएगी।
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों पर जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सदन के भीतर और बाहर अलग-अलग बयान देकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कस्टोडियल डेथ से जुड़ा आंकड़ा सदन में स्पष्ट किया गया था और सूची को लेकर कोई मांग नहीं की गई थी।
नव्या मलिक से जुड़े सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी की सूची तय मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। किसी व्यक्ति के खिलाफ एक से अधिक एफआईआर होने पर ही उसका नाम शामिल किया जाता है। उन्होंने कहा कि कोयला, DMF और शराब घोटालों पर भी सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।
