Chhattisgarh

अंबिकापुर के बिशुनपुर प्लेस ऑफ सेफ्टी से 15 अपचारी बालक फरार, गार्ड पर हमला कर दीवार फांदकर भागे

अंबिकापुर के बिशुनपुर प्लेस ऑफ सेफ्टी से 15 अपचारी बालक फरार, गार्ड पर हमला कर दीवार फांदकर भागे

अंबिकापुर। अंबिकापुर के गांधी नगर थाना क्षेत्र स्थित बिशुनपुर प्लेस ऑफ सेफ्टी से बुधवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब हत्या, चोरी और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में निरुद्ध 15 अपचारी बालक फरार हो गए। फरारी से पहले किशोरों ने ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड पर हमला किया और फिर परिसर की दीवार लांघकर बाहर निकल गए।

घटना की सूचना मिलते ही गांधी नगर थाना पुलिस हरकत में आई और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस ने अब तक पांच अपचारी बालकों को पकड़ लिया है, जबकि 10 अन्य की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को संभावित ठिकानों पर भेजा गया है।

क्षमता से अधिक थे निरुद्ध किशोर

जानकारी के अनुसार, बिशुनपुर प्लेस ऑफ सेफ्टी की निर्धारित क्षमता 25 किशोरों की है, लेकिन घटना के समय यहां 26 अपचारी बालक रखे गए थे। बुधवार रात करीब 9 बजे भोजन के बाद जब किशोरों को उनके कक्षों में ले जाया जा रहा था, तभी अचानक हालात बिगड़ गए और कुछ किशोरों ने सुरक्षा गार्ड पर हमला कर दिया।

तीन गार्ड ड्यूटी पर, एक बना निशाना

प्लेस ऑफ सेफ्टी के हाउस फादर (प्रभारी) भानू प्रताप ने बताया कि रात के समय तीन सुरक्षाकर्मी तैनात थे। हमला होते ही 15 किशोर मौके का फायदा उठाकर परिसर की सीमा पार कर फरार हो गए। अन्य दो गार्ड जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक किशोर बाहर निकल चुके थे।

पांच वापस लाए गए, 10 की तलाश जारी

घटना की सूचना तुरंत प्लेस ऑफ सेफ्टी के अधीक्षक द्वारा गांधी नगर थाना पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। देर रात पुलिस ने तीन अपचारी बालकों को पकड़ लिया, जबकि दो किशोर स्वयं ही वापस प्लेस ऑफ सेफ्टी लौट आए। फिलहाल 10 अपचारी बालक अब भी फरार हैं।

अलग-अलग जिलों के निवासी हैं फरार किशोर

बताया जा रहा है कि फरार किशोर कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिले के निवासी हैं। पुलिस इन जिलों में भी स्थानीय थाना प्रभारियों के साथ समन्वय कर तलाश कर रही है।

गंभीर अपराधों में थे निरुद्ध

प्लेस ऑफ सेफ्टी में 14 से 18 वर्ष से कम आयु के वे किशोर रखे जाते हैं, जो हत्या, चोरी और दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों में संलिप्त पाए गए हों। 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ऐसे किशोरों को सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया जाता है।

बाल संरक्षण गृह से फरारी की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन प्लेस ऑफ सेफ्टी से एक साथ इतने अपचारी बालकों के भागने की यह पहली बड़ी घटना मानी जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और फरार किशोरों की तलाश लगातार जारी है।


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Editor Jamhoora

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