जगदलपुर।
नक्सल विरोधी अभियान में ओडिशा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से सक्रिय और 21 लाख रुपये के इनामी माओवादी सुखराम मरकाम उर्फ योगेश उर्फ सुरेश ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। यह सरेंडर ओडिशा के मलकानगिरी जिले में किया गया, जहां उसने हथियारों के साथ हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पण के दौरान माओवादी सुखराम मरकाम के पास से एक एसएलआर राइफल और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सुखराम माओवादी संगठन में एसीएम रैंक का सक्रिय कैडर था और वर्ष 2010 से संगठन के लिए काम कर रहा था।
कई नक्सली वारदातों में रहा शामिल
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार सुखराम मरकाम कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है और उसके खिलाफ ओडिशा व छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में नक्सल गतिविधियों से जुड़े कई मामले दर्ज थे।
दबाव और ऑपरेशन से टूटी माओवादी हिम्मत
लगातार सघन सर्च ऑपरेशन, सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और संगठन के भीतर असंतोष के चलते सुखराम ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। मलकानगिरी के पुलिस अधीक्षक विनोद पाटिल ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस सरेंडर से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
अन्य नक्सलियों से भी अपील
पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि सुखराम के आत्मसमर्पण के बाद अन्य भटके हुए माओवादी भी हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएंगे और सामान्य जीवन की ओर लौटेंगे।
नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार मिल रही सफलताओं से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा बलों की रणनीति और दबाव से माओवादी संगठन की पकड़ कमजोर होती जा रही है।
