रायपुर।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। गृह मंत्रालय भारत सरकार ने राज्य के 10 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का चयन ‘मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM)’ के लिए किया है। इन सभी को यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा।
यह प्रतिष्ठित सम्मान आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में छत्तीसगढ़ पुलिस के सराहनीय योगदान को दर्शाता है।
लगन और उत्कृष्ट सेवा का मिला सम्मान
मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस उन पुलिस अधिकारियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन लगन, निष्ठा और अनुकरणीय सेवा भाव के साथ किया हो। चयनित अधिकारियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निरंतर बेहतर प्रदर्शन करते हुए राज्य और देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई है।
एमएसएम के लिए चयनित पुलिस अधिकारी
मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस के लिए चयनित छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मी इस प्रकार हैं—
- राम गोपाल गर्ग – महानिरीक्षक
- शशि मोहन सिंह – पुलिस अधीक्षक
- श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा – पुलिस अधीक्षक
- राजश्री मिश्रा – पुलिस अधीक्षक
- निवेदिता पॉल – कमांडेंट
- मनीषा ठाकुर रावटे – कमांडेंट
- तारकेश्वर पटेल – सहायक पुलिस अधीक्षक
- उनेजा खातून अंसारी – सहायक पुलिस अधीक्षक
- जयलाल मरकाम – सहायक कमांडेंट
- हजारी लाल साहू – प्लाटून कमांडर
छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यशैली को मिली राष्ट्रीय पहचान
इस सम्मान से छत्तीसगढ़ पुलिस की पेशेवर दक्षता, साहस और समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। चयनित अधिकारियों की यह उपलब्धि न केवल पुलिस बल का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगी।
