रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होते ही कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। 23 जनवरी से लागू हुई नई व्यवस्था के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है।
शुक्रवार को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला ने रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के रूप में पदभार संभाला। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और फील्ड लेवल पर सक्रिय पुलिसिंग के स्पष्ट निर्देश दिए, जिसका असर तुरंत जमीन पर दिखाई दिया।
DCP वेस्ट के नेतृत्व में चला विशेष अभियान
इसी क्रम में डीसीपी (वेस्ट) संदीप पटेल के नेतृत्व में शहर के संवेदनशील इलाकों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान में एडीसीपी राहुल देव शर्मा, एसीपी आज़ाद चौक इशू अग्रवाल, एसीपी पुरानी बस्ती देवांश सिंह राठौर, चार थाना प्रभारी और 50 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल रहे।
इन इलाकों में रही कड़ी निगरानी
पुलिस टीमों ने
- आज़ाद चौक
- ईदगाह भाटा
- लाखे नगर
- आश्रम क्षेत्र
में विशेष सतर्कता बरती। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहन जांच की गई, दस्तावेजों की पड़ताल की गई और यातायात व सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया।
जनसंवाद और सहयोग की अपील
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश साझा किए और सहयोग की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत अब त्वरित निर्णय, बेहतर समन्वय और प्रभावी अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाएगी।
लगातार जारी रहेंगे अभियान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के सघन चेकिंग अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। उद्देश्य है—
- असामाजिक तत्वों पर लगाम
- अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण
- और रायपुर को सुरक्षित व अनुशासित शहर बनाना
कमिश्नरेट प्रणाली के लागू होते ही रायपुर पुलिस का बदला हुआ तेवर शहर में साफ तौर पर नजर आने लगा है।
