रायपुर। छत्तीसगढ़ की जर्जर सड़कों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने ऐलान किया है कि 31 जनवरी तक PWD के अधीन आने वाली सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग ने सीधे जनता से सहयोग मांगा है।
PWD ने इसे “ओपन चैलेंज” का नाम देते हुए कहा है कि अब सड़क की हालत पर विभाग नहीं, बल्कि आम लोग निगरानी करेंगे।
सोशल मीडिया बनेगा निगरानी का हथियार
PWD ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपने आधिकारिक पेज लॉन्च किए हैं। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी PWD की सड़क पर गड्ढा नजर आए, तो उसकी फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करें। इससे संबंधित अधिकारी और इंजीनियर तक शिकायत तुरंत पहुंचेगी।
शिकायत पर तुरंत एक्शन
विभाग का कहना है कि सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आने के बाद दो ही विकल्प होंगे—
- या तो गड्ढा बनने का कारण सार्वजनिक किया जाएगा,
- या फिर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू होगा।
PWD ने स्पष्ट किया है कि अब सड़क की खराब स्थिति को लेकर बहानेबाजी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
450 करोड़ की लागत से चल रहा मरम्मत अभियान
प्रदेश में इस समय करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से सड़क मरम्मत का काम जारी है। PWD के अनुसार, 8,000 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों पर सुधार और नवीनीकरण का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।
जनभागीदारी से बदलेगी तस्वीर
PWD का मानना है कि यह पहल सिर्फ विभागीय नहीं, बल्कि जनसहभागिता पर आधारित मॉडल है। इससे न केवल सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
अब नजरें 31 जनवरी पर टिकी हैं—जब यह देखा जाएगा कि PWD का यह ओपन चैलेंज कागजों तक सीमित रहता है या सचमुच सड़कों की सूरत बदल देता है।
