Chhattisgarh

7 साल बाद बदली रायपुर जिले की जमीन की गाइडलाइन, वार्ड–सड़क–गांव सभी के रेट हुए एकरूप

7 साल बाद बदली रायपुर जिले की जमीन की गाइडलाइन, वार्ड–सड़क–गांव सभी के रेट हुए एकरूप

रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जमीन की कीमतों को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति अब समाप्त होने जा रही है। करीब सात वर्षों बाद रायपुर जिले की गाइडलाइन दरों का व्यापक और तार्किक पुनरीक्षण किया गया है, जिससे नगरीय निकायों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक जमीन के रेट स्पष्ट, व्यवस्थित और समान रूप से लागू हो सकेंगे।

दरअसल, वर्ष 2017-18 के बाद गाइडलाइन दरों में कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ, जबकि इस बीच रायपुर नगर निगम का दो बार परिसीमन (2019 और 2024) किया जा चुका था। परिसीमन बदलने के बावजूद पुरानी गाइडलाइन लागू रहने से स्थिति यह थी कि एक वार्ड की जमीन किसी दूसरे वार्ड की गाइडलाइन में दर्ज थी। इस कारण रजिस्ट्री, मूल्यांकन और वास्तविक दर जानने में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

देखिए नई गाइडलाइंस


🔹 एक सड़क, एक रेट का फॉर्मूला लागू

पुरानी गाइडलाइन में अनेक जगहों पर एक ही सड़क या समान परिस्थिति वाले क्षेत्रों के अलग-अलग दर निर्धारित थे।
जैसे—

  • रिंग रोड-2
  • जी.ई. रोड
  • रायपुर–बिलासपुर मार्ग
  • रायपुर–बलौदाबाजार मार्ग

इन प्रमुख सड़कों पर कहीं एक ही स्थान के लिए दो-दो रेट थे। नई गाइडलाइन में इन्हें युक्तियुक्त करते हुए एक समान दर तय की गई है, जिससे भ्रम की स्थिति खत्म होगी।


🔹 एक वार्ड में अलग-अलग रेट की विसंगति खत्म

कई वार्डों में स्थिति यह थी कि एक ही प्रकार और परिस्थिति वाली कॉलोनियों के लिए अलग-अलग दर लागू थी। इससे न सिर्फ आमजन भ्रमित होते थे, बल्कि संपत्ति मूल्यांकन में भी ओवरलैपिंग की स्थिति बनती थी।

नई गाइडलाइन में—

  • समान परिस्थिति वाले क्षेत्रों के रेट बराबर किए गए हैं
  • कॉलोनी के नाम के आधार पर अलग-अलग रेट रखने की परंपरा समाप्त की गई है

अब एक वार्ड में स्थित सभी स्वीकृत ले-आउट कॉलोनियों के लिए एक समान दर लागू होगी।


🔹 कंडिकाएं घटाकर आधी से भी कम

पहले रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों में कुल 861 कंडिकाएं (रेट श्रेणियां) थीं, जिससे गाइडलाइन बेहद जटिल हो गई थी।
अब इन्हें घटाकर 454 कंडिकाएं कर दिया गया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि—

  • गाइडलाइन सरल होगी
  • आम लोग खुद रेट समझ सकेंगे
  • रजिस्ट्रेशन में विवाद की संभावना कम होगी

🔹 व्यवसायिक परिसरों के लिए अलग व्यवस्था

शहर में विकसित हुए अनेक नए व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स जैसे—

  • श्रीराम बिजनेस पार्क
  • जोरा मॉल
  • रामा वर्ल्ड सिटी

के लिए पूर्व गाइडलाइन में स्पष्ट दर तय नहीं थी। अब नगर निगम क्षेत्र के लगभग सभी वार्डों में व्यवसायिक भूखंडों की अलग गाइडलाइन दर निर्धारित की गई है, जिससे कमर्शियल संपत्तियों का मूल्यांकन अधिक वास्तविक हो सकेगा।


🔹 ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ा सुधार

ग्रामीण इलाकों में भी लंबे समय से दरों को लेकर असमानता बनी हुई थी।
नई गाइडलाइन में—

  • एक ही मुख्य मार्ग पर स्थित समान परिस्थिति वाले गांवों के लिए एक समान दर
  • नगर निगम सीमा से लगे गांवों में कम रेट होने की विसंगति को दूर किया गया
  • मुख्य मार्ग और अंदरूनी क्षेत्र के रेट को तार्किक रूप से समायोजित किया गया

✅ आम नागरिकों को क्या मिलेगा फायदा?

नई गाइडलाइन से—

  • जमीन का सरकारी मूल्य आसान और पारदर्शी होगा
  • रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी सरल
  • अनावश्यक विवाद और भ्रम होंगे कम
  • जमीन की कीमतें वास्तविक बाजार के करीब होंगी

कुल मिलाकर, रायपुर जिले में नई गाइडलाइन दरों के जरिए जमीन से जुड़ी वर्षों पुरानी गड़बड़ियों को सुधारने की ठोस कोशिश की गई है, जिससे नगरीय और ग्रामीण—दोनों क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।


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Editor Jamhoora

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