National

दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी आतंकी डॉ. उमर की पहली तस्वीर आई सामने, कश्मीर से दो भाई गिरफ्तार – 13 संदिग्धों से पूछताछ जारी

दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी आतंकी डॉ. उमर की पहली तस्वीर आई सामने, कश्मीर से दो भाई गिरफ्तार – 13 संदिग्धों से पूछताछ जारी

नई दिल्ली। दिल्ली में हुए भीषण ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकी डॉ. मोहम्मद उमर, जिसे फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा बताया जा रहा है, उसकी पहली तस्वीर सामने आई है। रविवार शाम हुए धमाके में अब तक 9 लोगों की मौत और 24 से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट से ठीक पहले एक सफेद I-20 कार लाल किले के पास पार्किंग से निकलती दिखी थी। CCTV फुटेज में कार के अंदर एक व्यक्ति काले मास्क और कैप में नजर आ रहा है, जिसे डॉ. उमर बताया जा रहा है।


🔹 फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा कनेक्शन

जांच एजेंसियों का मानना है कि उमर फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था, जो पिछले कुछ महीनों से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था। इस नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर पुलिस और एटीएस की टीमों ने हरियाणा से लखनऊ तक लगातार छापेमारी की है।
इस दौरान करीब 2,900 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया, जिसे बड़े पैमाने पर धमाकों में इस्तेमाल किए जाने की साजिश थी।


🔹 कश्मीर से उमर के दो भाई हिरासत में

जम्मू-कश्मीर पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, उमर के दो भाई — आमिर और अहमद — को पुलवामा से हिरासत में लेकर श्रीनगर लाया गया है। पूछताछ में पता चला है कि धमाके में इस्तेमाल हुई कार डॉ. उमर के नाम पर थी
एक अन्य आरोपी तारिक अहमद डार ने जांच के दौरान कबूल किया कि उसने यह कार पहले आमिर को बेची थी, जिसने बाद में उमर को सौंप दी।

पुलिस अब तीनों से क्रॉस-इंटरोगेशन कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।


🔹 CCTV फुटेज से मिली अहम सुराग

ब्लास्ट से कुछ ही मिनट पहले का CCTV वीडियो जांच में शामिल किया गया है। इसमें एक सफेद I-20 कार को पार्किंग से निकलते हुए देखा गया है।
फुटेज में मौजूद व्यक्ति की पहचान को लेकर जांच एजेंसियां तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं, और शुरुआती रिपोर्ट्स में उसके डॉ. उमर होने के संकेत मिले हैं।


🔹 पूछताछ में 13 संदिग्ध

दिल्ली पुलिस और एनआईए की संयुक्त टीम अब तक 13 संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है।
जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि यह मॉड्यूल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से फंडेड था और विस्फोटक सामग्री विदेश से मंगाई गई थी।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां राजधानी में सुरक्षा बढ़ाने और संभावित अन्य ठिकानों की तलाश में जुटी हैं।


About Author

Editor Jamhoora

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *