नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का अभियान तेज करने का ऐलान किया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष के पास ऐसे सबूत हैं, जिनके सामने आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही तय होगी।
SIR प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी के आरोप
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित विपक्षी दलों की जन संसद में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के जरिए सुनियोजित तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की आड़ लेकर जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों की भूमिका भी विपक्ष के निशाने पर है।
13.20 करोड़ नाम हटाने के दावे पर सवाल
राहुल गांधी ने SIR के तहत 13.20 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा करते हुए कहा कि यह संख्या देश के करीब 15 प्रतिशत मतदाताओं के बराबर है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन मतदाताओं को अब अवैध माना जा रहा है, तो 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके द्वारा किए गए मतदान की वैधता पर भी सवाल उठना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के सामने न्याय के रास्ते सीमित हो गए हैं, इसलिए जन संसद के माध्यम से अपनी आवाज उठाई जा रही है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने दिल्ली में प्रस्तावित विपक्षी रैली का भी जिक्र किया और दावा किया कि जनता का रुख बदल रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता और संस्थाओं के सहारे जवाबदेही से बचने वालों को अंततः विपक्ष और जनता के सवालों का सामना करना पड़ेगा।
