रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में 20 अक्टूबर का दिन महत्वपूर्ण होने जा रहा है। पहली बार रेल सेवा रावघाट तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में ताड़ोकी–रावघाट रेल लाइन और अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन किया जाएगा। इस दौरान रावघाट–रायपुर और रायपुर–कुरूद के बीच नई यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत होगी। साथ ही रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा का शिलान्यास भी किया जाएगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचने से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और आवागमन के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक आधुनिक परिवहन सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
1,628 करोड़ रुपये की लागत से बनी रेल लाइन
दल्लीराजहरा से रावघाट के बीच करीब 1,628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण किया गया है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ यह परियोजना अपने निर्धारित चरण तक पहुंच गई है।
रेल संपर्क शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा लौह अयस्क के परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों और भिलाई इस्पात संयंत्र सहित देश के इस्पात उद्योग की जरूरतों के लिहाज से भी यह रेल लाइन महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अभनपुर से कुरूद तक ब्रॉडगेज लाइन तैयार
अभनपुर–धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने से कुरूद और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को राजधानी रायपुर तक पहुंचने के लिए बेहतर रेल सुविधा मिलेगी।
परियोजना के कुरूद–धमतरी खंड में अभी काम जारी है। रावघाट–रायपुर और रायपुर–कुरूद के बीच नई यात्री रेल सेवाएं शुरू होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे चिकित्सा, शिक्षा, कृषि, व्यापार और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
रायपुर में बनेगी इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा
कार्यक्रम के दौरान रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी किया जाएगा। इस सुविधा के विकसित होने पर भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता तैयार होगी।
इससे रेल परिचालन को सुचारु बनाए रखने और बढ़ती माल परिवहन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ को मिलेगा फायदा
रावघाट तक रेल पहुंचने और नई यात्री सेवाओं की शुरुआत से दूरस्थ क्षेत्रों की राजधानी से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। रेल नेटवर्क के विस्तार से स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को प्रदेश के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, नई रेल सेवाओं से यात्रियों को होने वाली वास्तविक सुविधा उनके संचालन, समय-सारणी और उपलब्ध कनेक्टिविटी पर निर्भर करेगी।
