महासमुंद। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सरायपाली पुलिस ने शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नकली होलोग्राम और छत्तीसगढ़ स्टेट के फर्जी लेबल लगाकर शराब की तस्करी और बिक्री करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3229 लीटर 860 मिलीलीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। जब्त शराब की कीमत करीब 22.15 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क महासमुंद के अलावा सारंगढ़, रायगढ़ और जांजगीर के अलग-अलग इलाकों तक फैला हुआ था। मामले की जांच के दौरान कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
डस्टर कार और कंटेनर से मिली भारी मात्रा में शराब
पुलिस कार्रवाई के दौरान डस्टर कार क्रमांक CG 04 PS 3481 की तलाशी ली गई। कार से 25 पेटियों में रखी 1192 पौव्वा गोवा अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसकी कुल मात्रा 214 लीटर 560 मिलीलीटर बताई गई है, जिसकी कीमत करीब 1,43,040 रुपये है।
वहीं, कंटेनर ट्रक क्रमांक HR-13-X-3220 की जांच में 345 पेटी गोवा अंग्रेजी शराब मिली। प्रत्येक पेटी में 48-48 पौव्वे थे। कंटेनर से कुल 2980 लीटर 800 मिलीलीटर शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 19,87,200 रुपये बताई गई है।
इसके अलावा आरोपी अमित पटेल के कब्जे से अलग-अलग ब्रांड की 46 बोतल अंग्रेजी शराब भी बरामद की गई। इसमें कुल 34 लीटर 500 मिलीलीटर शराब थी। इस तरह पूरी कार्रवाई में 3229 लीटर 860 मिलीलीटर शराब जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत 22,15,120 रुपये बताई गई है।
जांच में सामने आया नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल का खेल
शराब की बोतलों पर लगे होलोग्राम और लेबल को लेकर पुलिस को जांच के दौरान संदेह हुआ। आबकारी विभाग की जांच में इनके नकली होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मामले में फर्जीवाड़े और संगठित अपराध से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गईं।
पुलिस की जांच में नकली होलोग्राम, फर्जी लेबल, बोतल और शराब की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई। इसी कड़ी में पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े आरोपी धीरज आहूजा को हरियाणा से गिरफ्तार किया है।
थोक खरीदार से लेकर सप्लायर तक कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अजित पटेल और अमित पटेल कंटेनर से आने वाली अवैध शराब के थोक खरीदार बताए गए हैं। वहीं, राजेश पटेल पर स्थानीय स्तर पर शराब की थोक बिक्री करने का आरोप है।
इसी तरह विनय सिंह ठाकुर रायगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री के नेटवर्क से जुड़ा बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, धीरज आहूजा नकली होलोग्राम, फर्जी लेबल, बोतल और शराब के कंटेनर उपलब्ध कराने से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा था।
जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के दूसरे राज्यों तक फैले होने के भी साक्ष्य मिले हैं।
50 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त
पुलिस ने अवैध शराब के साथ तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों और मोबाइल फोन को भी जब्त किया है। जब्त संपत्ति में शामिल हैं—
- 3229.860 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब – ₹22,15,120
- डस्टर कार – करीब ₹3 लाख
- कंटेनर ट्रक – करीब ₹10 लाख
- क्रेटा कार – करीब ₹15 लाख
- 3 मोबाइल फोन – करीब ₹15 हजार
पुलिस के मुताबिक, जब्त की गई पूरी संपत्ति की कुल कीमत करीब 50,30,120 रुपये है।
सात आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने पहले राजेश पटेल, अजित पटेल, अमित पटेल, विनय सिंह ठाकुर और धीरज आहूजा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 25 सितंबर 2026 को आयुस महापात्र और स्वरूप सिंह सलूजा की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी गई।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल कहां तैयार किए जाते थे, शराब का वास्तविक स्रोत क्या था और इसे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था।
इन धाराओं के तहत दर्ज है मामला
सरायपाली थाने में अपराध क्रमांक 264/2026 के तहत धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट तथा धारा 111(2), 338, 336(3), 340(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मामले में अवैध शराब के स्रोत, परिवहन, बिक्री और नकली होलोग्राम तैयार करने वाले नेटवर्क की जांच अभी जारी है।
