रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा दावा किया है। ED के रायपुर जोनल कार्यालय के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 18 अगस्त 2026 तक सात दिन की ED हिरासत में भेज दिया।
EOW/ACB की FIR और चार्जशीट के आधार पर ED की जांच
ED के अनुसार, मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW/ACB), रायपुर की FIR और विशेष न्यायालय (PC Act), रायपुर में पेश की गई चार्जशीट व पूरक चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई थी।
इन मामलों में 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ के आबकारी प्रशासन में कथित आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
सिंडिकेट पर करीब 3,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुण पति त्रिपाठी (ITS) से जुड़े कथित सिंडिकेट ने राज्य के शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं।
ED के मुताबिक, शराब बिक्री, बिना हिसाब वाली देसी शराब की बिक्री, डिस्टिलरियों से कथित वार्षिक कमीशन, विदेशी शराब कंपनियों से कमीशन और FL-10A लाइसेंस जारी करने के बदले कथित अवैध वसूली के जरिए करीब 3,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई।
राजीव भवन तक नकदी पहुंचने का ED का दावा
ED ने दावा किया है कि अपराध से अर्जित धन का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर नकदी के रूप में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित नकदी को संभालने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने वाले लोगों के PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों में यह बात सामने आई है कि रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर सिंडिकेट से जुड़े लोगों के माध्यम से कथित नकदी राजीव भवन, रायपुर तक पहुंचाई जाती थी। उस समय राजीव भवन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यालय था।
चार समन के बावजूद पेश नहीं होने का आरोप
ED के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल को PMLA की धारा 50 के तहत चार बार समन जारी किए गए, लेकिन वह पूछताछ के लिए एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए। बाद में दर्ज किए गए उनके बयान में भी ED ने कथित तौर पर गोलमोल जवाब देने का दावा किया है।
फिलहाल रामगोपाल अग्रवाल ED की हिरासत में हैं और जांच एजेंसी मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
