दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में करोड़ों रुपये के कथित स्क्रैप (लौह) चोरी मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वैशालीनगर भाजपा मंडल के कोषाध्यक्ष और कारोबारी भास्कर मुदलियार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में उनकी कथित भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। इस मामले में अब तक जीएम और एजीएम सहित 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच में सामने आई ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की भूमिका
पुलिस के अनुसार, भास्कर मुदलियार की गाड़ियां लंबे समय से ठेकेदारों के माध्यम से भिलाई स्टील प्लांट के भीतर संचालित हो रही थीं। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनकी गाड़ियों का उपयोग मुख्य आरोपी संजय सिंह द्वारा प्लांट के भीतर फ्लू डस्ट के परिवहन के लिए किया जा रहा था। आरोप है कि फ्लू डस्ट की आड़ में पिछले कुछ महीनों से लौह स्क्रैप की चोरी की जा रही थी।
CISF ने भी की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसपी की सुरक्षा में तैनात CISF ने भी सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर अपने सात जवानों को निलंबित कर दिया है।
दो ठेकेदार अब भी फरार
पुलिस ने बताया कि इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर हिमांशु खंडेलवाल और गिरीश खंडेलवाल अभी फरार हैं। दोनों के 12 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। उनकी तलाश लगातार जारी है।
जांच जारी, और हो सकती हैं गिरफ्तारियां
दुर्ग पुलिस का कहना है कि स्क्रैप चोरी के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर आने वाले दिनों में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
26 मई को हुआ था पूरे रैकेट का खुलासा
इस मामले का खुलासा 26 मई 2026 को हुआ था, जब पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स और हथखोज के एक प्लॉट पर छापेमारी की थी।
कार्रवाई के दौरान कई हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों से फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री बरामद हुई थी। पुलिस ने मौके से करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया था। इसके अलावा स्क्रैप की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले वाहन, जेसीबी, हाइड्रा और अन्य मशीनें भी जब्त की गई थीं।
पुलिस के मुताबिक, जब्त स्क्रैप, मशीनरी और वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग 90 लाख रुपये मूल्य का लौह स्क्रैप शामिल है। मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
