सरगुजा। जिले के सीतापुर क्षेत्र की तीन युवतियों के तमिलनाडु के चेन्नई में फंसने का मामला सामने आया है। बेहतर नौकरी और प्लेसमेंट का सपना दिखाकर उन्हें वहां ले जाया गया था, लेकिन अब घर लौटने की इच्छा जताने पर उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं। परेशान युवतियों ने मोबाइल फोन के जरिए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, सीतापुर थाना क्षेत्र के भरतपुर, बेलजोरा और बिनई गांव की रहने वाली तीन युवतियों को पहले जशपुर में लगभग तीन महीने तक सिलाई प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें बेहतर रोजगार और प्लेसमेंट का भरोसा दिलाकर चेन्नई के कांचीपुरम क्षेत्र भेजा गया।

घर लौटने पर मांगे जा रहे 10-10 हजार रुपये
युवतियों का आरोप है कि प्लेसमेंट के नाम पर उन्हें चेन्नई पहुंचाने वाले लोगों द्वारा अब घर वापस लौटने के लिए प्रत्येक से 10-10 हजार रुपये की मांग की जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना संभव नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण वे वहां फंस गई हैं।
विधायक को सुनाई आपबीती
स्थिति से परेशान युवतियों ने चेन्नई से ही सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को फोन कर पूरी जानकारी दी और सुरक्षित घर वापस लाने की अपील की। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने तत्काल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मानव तस्करी के एंगल से भी जांच
इधर, सीतापुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवतियों को किस संस्था, एजेंसी या व्यक्तियों के माध्यम से चेन्नई भेजा गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं प्लेसमेंट के नाम पर धोखाधड़ी या मानव तस्करी जैसी कोई गतिविधि तो नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य तीनों युवतियों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करना है।
