रायपुर। पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गर्म हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तुरंत पलटवार करते हुए कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
बघेल का हमला: “जनता को कोई राहत मिलने वाली नहीं”
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अगर लोगों को इस कटौती से सच में राहत मिले तो वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सार्वजनिक अभिनंदन करें, और यदि राहत न मिले तो उन्हें “लानत भेजें सांय सांय।”
उन्होंने आरोप लगाया कि—
- यह कटौती तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई है
- सरकार “जनता को राहत” की अफवाह फैलाकर वाहवाही लूटना चाहती है
- “जनता को एक कौड़ी भी फायदा नहीं मिलने वाला”
बघेल ने इसे पूरी तरह दिखावटी कदम बताया।
ओपी चौधरी का पलटवार: “गुमराह न करें, आपकी सरकार ने संकट में टैक्स बढ़ाया था”
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बघेल के बयान को भ्रामक बताया और कहा कि जनता ने पहले ही इन्हीं हरकतों के कारण कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया।
उन्होंने कहा—
- कोविड महामारी के दौरान जब लोग आर्थिक संकट में थे, तब कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल पर वैट बढ़ाकर वसूली की
- भाजपा सरकार जनता पर बोझ न पड़े, इसलिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई
- “आपको तकलीफ इस बात से है कि जनता को राहत मिल रही है”
चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लिए आपदा वसूली का अवसर थी, जबकि मोदी सरकार संकट में भी नागरिकों को राहत देने का प्रयास कर रही है।
