रायपुर। Chhattisgarh Assembly Budget Session 2026 के दौरान मंगलवार को सदन में रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यों को लेकर जोरदार चर्चा हुई। सत्ता पक्ष के ही विधायकों ने परियोजना में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया, जिसके बाद मंत्री अरुण साव ने मामले की जांच कराए जाने की घोषणा की।
भाजपा विधायकों ने उठाए भ्रष्टाचार के आरोप
विधायक सुनील सोनी ने सदन में कहा कि रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 30 करोड़ रुपये के कार्य किए गए हैं, जिसमें केवल म्यूजिकल फाउंटेन पर 5.24 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत के आधार पर केंद्र सरकार ने पहले भी जांच कराई थी, जिस पर करीब 18 लाख रुपये खर्च हुए थे। उन्होंने जांच रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने की मांग की।
इस मुद्दे पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धर्मलाल कौशिक ने भी स्मार्ट सिटी के कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
मंत्री अरुण साव ने जांच का दिया आश्वासन
मामले पर जवाब देते हुए मंत्री अरुण साव ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ी किसी भी शिकायत या गड़बड़ी की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सिरपुर महोत्सव पर भी उठा सवाल
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए शिरपुर महोत्सव के आयोजन में आय-व्यय और संचालन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
इस पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव के आयोजन के लिए 15 लाख रुपये का आवंटन किया गया था, जबकि 10 लाख रुपये प्रचार-प्रसार पर खर्च हुए। उन्होंने कहा कि सभी जानकारियां चिन्हारी पोर्टल पर उपलब्ध हैं और अनियमितता के आरोप सही नहीं हैं।
कलाकारों के भुगतान पर हुई बहस
चर्चा के दौरान द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी एक कार्यक्रम के लिए करीब 60 लाख रुपये लेते हैं। इस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बाहर से आए कलाकारों को प्रशासन की ओर से ऑन-रिकॉर्ड भुगतान किया गया है।
विवाद बढ़ने पर मंत्री ने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो भुगतान और आयोजन से जुड़े मामलों की भी जांच कराई जाएगी।
