मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरकारी खजाने से जुड़े एक गंभीर वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। कलेक्ट्रेट के पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर खाते से करीब 26.87 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी का खुलासा हुआ है। मामले के सामने आते ही जिला प्रशासन और बैंक प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।

अधिकारियों की गोपनीय आईडी का दुरुपयोग
यह पूरा मामला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मुंगेली शाखा से जुड़ा है। अपर कलेक्टर जीएल यादव द्वारा बैंक को जारी नोटिस के बाद जांच में यह तथ्य सामने आया कि खाते से हुए लेन-देन कलेक्ट्रेट कार्यालय की अनुमति के बिना किए गए थे। बैंक प्रबंधन ने स्वीकार किया है कि उनके कर्मचारी टिकेश कुमार (CSA) ने आंतरिक वाउचर के माध्यम से अधिकारियों की गोपनीय आईडी का दुरुपयोग करते हुए यह राशि निकाली।
आरोपी निलंबित, राशि खाते में वापस
मामला उजागर होने के बाद बैंक ने गबन की गई पूरी राशि संबंधित सरकारी खाते में वापस जमा करा दी है। आरोपी कर्मचारी का जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, रायपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन संतुष्ट नहीं, कड़ी कार्रवाई के संकेत
हालांकि, जिला प्रशासन बैंक के जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। प्रशासन का मानना है कि शासकीय धन की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसमें बैंक प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई है। फिलहाल दस्तावेजों की अंतिम जांच की जा रही है और संकेत दिए गए हैं कि दोषी पाए जाने पर बैंक प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
