रायपुर।
छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना को लेकर शुक्रवार को स्थिति असहज हो गई, जब निजी अस्पतालों ने एक दिन के लिए योजना के तहत इलाज बंद कर दिया। निजी अस्पताल एसोसिएशन का कहना है कि सरकार की ओर से 1500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया गया।
आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को आज इलाज नहीं मिल सका, हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें शनिवार को आने का समय दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में और कड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।
मंत्री ने माना भुगतान में देरी, एक सप्ताह में समाधान का भरोसा
इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वीकार किया कि भुगतान प्रक्रिया में विलंब हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार की बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया है और मार्च के बाद के अधिकांश दावों का निपटारा हो चुका है।
मंत्री जायसवाल ने निजी अस्पताल संचालकों से अपील करते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित कर दिए जाएंगे। उन्होंने आग्रह किया कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों के हित में आयुष्मान कार्ड से इलाज बंद न किया जाए।
गरीब मरीजों पर पड़ सकता है असर
सरकार और निजी अस्पतालों के बीच चल रहे इस टकराव से सबसे अधिक असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ने की आशंका है। आयुष्मान योजना राज्य के लाखों परिवारों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है, ऐसे में इलाज रुकने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
कांग्रेस की मांगों पर मंत्री का हमला
इस बीच धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर मंत्री जायसवाल ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस की मांग को “घड़ियाली आंसू” बताते हुए कहा कि विपक्ष के पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही तथ्य।
मंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों का पूरा धान खरीद रही है और भुगतान एकमुश्त किया जा रहा है, जबकि पिछली सरकार चार किस्तों में भुगतान करती थी। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान का धान खरीदी से नहीं बचेगा।
कांग्रेस की विचारधारा और नेतृत्व पर सवाल
दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक को लेकर भी मंत्री जायसवाल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऊपर से एकजुट दिखती है, लेकिन छत्तीसगढ़ में उसके नेता आपस में उलझे हुए हैं और जनहित के मुद्दों से उनका कोई सरोकार नहीं है।
कन्हैया कुमार की टिप्पणी पर पलटवार
छत्तीसगढ़ दौरे पर आए कन्हैया कुमार की भाजपा को दी गई नसीहत पर मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि कन्हैया कुमार को बिना जानकारी बयान देने से बचना चाहिए और अपने नाम के अनुरूप आचरण करना चाहिए।
बजट को लेकर जताई उम्मीद
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरा देश इस बजट का इंतजार कर रहा है और यह बजट देशहित में महत्वपूर्ण साबित होगा।
