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भारत-EU ट्रेड डील पर वर्ल्ड मीडिया की नजर | NYT बोला– ऐसे वक्त समझौता जब अमेरिका भरोसेमंद पार्टनर नहीं, ब्लूमबर्ग ने लिखा– ट्रम्प को करारा जवाब

भारत-EU ट्रेड डील पर वर्ल्ड मीडिया की नजर | NYT बोला– ऐसे वक्त समझौता जब अमेरिका भरोसेमंद पार्टनर नहीं, ब्लूमबर्ग ने लिखा– ट्रम्प को करारा जवाब

नई दिल्ली।
भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर वैश्विक मीडिया में व्यापक प्रतिक्रिया सामने आई है। मंगलवार को 16वें भारत-EU समिट के दौरान इस समझौते पर सहमति बनी, जिसे यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार दिया। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार यह समझौता 2027 से लागू हो सकता है।

इस डील के तहत भारत में यूरोपीय कारों—जैसे BMW और मर्सिडीज—पर लगने वाला टैक्स 110% से घटकर 10% हो जाएगा। वहीं यूरोप से आयात होने वाली शराब और वाइन पर टैरिफ में भी बड़ी कटौती की संभावना है। फिलहाल यूरोपीय शराब पर भारत में 150% टैरिफ लगता है, जिसे घटाकर 20–30% किया जा सकता है।

भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि EU दूसरी सबसे बड़ी। दोनों मिलकर वैश्विक GDP का लगभग 25% और दुनिया के कुल व्यापार का करीब एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं।


📰 ब्लूमबर्ग: ट्रम्प को करारा जवाब

ब्लूमबर्ग ने लिखा कि लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद भारत और EU ने यह समझौता कर अमेरिका की आक्रामक टैरिफ नीतियों को करारा जवाब दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह डील ट्रम्प प्रशासन की नीतियों के चलते तेज हुई वैश्विक व्यापारिक पुनर्संरचना का हिस्सा है।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया पर कहा,

“हमने सबसे बड़ा समझौता पूरा किया है। इससे दो अरब लोगों का फ्री ट्रेड एरिया बनेगा।”


🗞️ न्यूयॉर्क टाइम्स: ट्रम्प के साये में रिश्ते मजबूत

NYT ने लिखा कि यह समझौता ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी नीतियों के चलते वैश्विक गठबंधनों पर सवाल उठ रहे हैं और अमेरिका को पहले जैसा भरोसेमंद आर्थिक साझेदार नहीं माना जा रहा। अखबार के अनुसार, चीन के सस्ते सामान से बाजार भरने के बीच भारत और EU ने अपने व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत किया है।


🇩🇪 जर्मन मीडिया स्पीगेल: भारत की उम्मीद, यूरोप का मौका

जर्मन मैगजीन Der Spiegel ने लिखा कि भारत ने यूरोपीय कारों, मशीनरी और केमिकल उत्पादों पर ऊंचे टैरिफ घटाने पर सहमति दी है, जिससे यूरोपीय कंपनियों को अरबों यूरो का फायदा हो सकता है। बदले में भारत को टेक्सटाइल, ज्वेलरी और सेवाओं के निर्यात में बढ़त की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका की अनिश्चित व्यापार नीतियों ने इस साझेदारी को और मजबूती दी है।


🌐 BBC: ऐतिहासिक समझौता

BBC ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए लिखा कि लगभग 20 साल की बातचीत के बाद यह डील ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका-यूरोप संबंधों में तनाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “ऐतिहासिक” बताया, जबकि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा—

“हमने कर दिखाया, यह अब तक का सबसे बड़ा समझौता है।”


🕌 अल जज़ीरा: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

Al Jazeera ने लिखा कि भारत-EU समझौते से दो अरब लोगों का मुक्त व्यापार क्षेत्र बनेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह डील भारत की 1.4 अरब आबादी और यूरोप के लाखों लोगों के लिए नए अवसर खोलेगी।


🔍 क्या है इस डील का महत्व

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह समझौता अमेरिका और चीन से अलग एक स्वतंत्र आर्थिक धुरी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि कृषि और स्टील जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में दोनों पक्षों ने सीमाएं बरकरार रखी हैं, लेकिन फिर भी इसे वैश्विक व्यापार संतुलन में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।


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Editor Jamhoora

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