न्यूयॉर्क। भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक पार्टी उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने 50% से अधिक वोट हासिल कर रिपब्लिकन और निर्दलीय दोनों उम्मीदवारों को पछाड़ दिया। जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर बन गए हैं।
इस चुनाव में ममदानी का मुकाबला पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो (निर्दलीय) और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा से था। चुनाव परिणामों के अनुसार, जोहरान को 9,48,202 वोट (50.6%) मिले, जबकि कुओमो को 7,76,547 (41.3%) और स्लीवा को 1,37,030 वोट मिले।
एनवाईसी इलेक्शन बोर्ड के मुताबिक, 1969 के बाद पहली बार दो मिलियन से ज्यादा वोट डाले गए।
जीत के बाद सिटी हॉल से शेयर किया वीडियो
अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद जोहरान ममदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर किया।
वीडियो में न्यूयॉर्क मेट्रो का गेट खुलता हुआ दिखाई देता है, और दीवार पर लिखा है — “Zohraan for New York City”।
सिटी हॉल, जहां से यह वीडियो पोस्ट किया गया, वही जगह है जहां मेयर का आधिकारिक कार्यालय स्थित है।
जोहरान ममदानी का परिचय: भारत से गहरा नाता
जोहरान ममदानी का जन्म 1991 में युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। उनके पिता महमूद ममदानी प्रसिद्ध प्रोफेसर हैं, जिन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी और केपटाउन यूनिवर्सिटी में पढ़ाया है।
उनकी मां मीरा नायर भारत की मशहूर फिल्म निर्देशक हैं, जिन्होंने “सलाम बॉम्बे”, “मॉनसून वेडिंग” और “द नेमसेक” जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है।
जोहरान को वर्ष 2018 में अमेरिकी नागरिकता प्राप्त हुई थी।
सामाजिक कार्यकर्ता से राजनेता तक का सफर
राजनीति में आने से पहले जोहरान ममदानी एक फॉरक्लोजर काउंसलर के रूप में काम करते थे, जहां वे कम आय वाले परिवारों को घर बचाने में मदद करते थे। इसी दौरान उन्होंने सामाजिक असमानताओं और नीतिगत कमियों को करीब से देखा।
इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और साल 2020 में न्यूयॉर्क असेंबली के 36वें जिले से अपना पहला चुनाव लड़ा। वे डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे।
अब, न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में जीत हासिल कर उन्होंने इतिहास रच दिया है।
जोहरान ममदानी की जीत का महत्व
उनकी जीत को अमेरिका में प्रवासी और मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक स्वीकार्यता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
भारत में भी उनकी सफलता चर्चा का विषय है, क्योंकि वे एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसने कला, शिक्षा और सामाजिक सेवा तीनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
