रायपुर। छत्तीसगढ़ में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब राज्य की तीन जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। राजनांदगांव, दुर्ग और बिलासपुर जिला अदालतों की आधिकारिक ईमेल आईडी पर गुमनाम मेल भेजकर RDX आधारित IED से आत्मघाती हमले की चेतावनी दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं।
राजनांदगांव कोर्ट को मिली सबसे गंभीर धमकी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजनांदगांव जिला अदालत की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सुबह 10 बजकर 07 मिनट पर एक अज्ञात व्यक्ति ने धमकी भरा संदेश भेजा। ईमेल में लिखा गया था कि अदालत परिसर में RDX आधारित विस्फोटक लगाया गया है और दोपहर 2:35 बजे तक जजों को बाहर निकाल लिया जाए, अन्यथा बड़ा धमाका किया जाएगा।
कलेक्टर-एसपी को किया गया अलर्ट
धमकी मिलने के तुरंत बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सूचना दी गई, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सख्त कर दिया गया। अदालत परिसर को खाली कराया गया और आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई।
बम निरोधक और श्वान दस्ता मौके पर
पुलिस के अनुसार, बम निरोधक दस्ता और श्वान दस्ता मौके पर पहुंचा और पूरे अदालत परिसर की बारीकी से तलाशी ली गई। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक या खतरनाक सामग्री बरामद नहीं हुई।
दुर्ग और बिलासपुर कोर्ट को भी मिली धमकी
इसी तरह की धमकी दुर्ग और बिलासपुर जिला अदालतों की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भी मिली। सूचना मिलते ही संबंधित जिलों की पुलिस टीमों ने अदालत परिसरों में सुरक्षा घेरा बनाकर सघन तलाशी अभियान चलाया। इन दोनों स्थानों पर भी किसी प्रकार का विस्फोटक नहीं मिला है।
ईमेल भेजने वाले की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों में ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल तीनों जिला अदालतों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
