🖊️ By Special Correspondent | Washington | Updated July 31, 2025
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से होने वाले आयात पर 25% शुल्क और अतिरिक्त दंडात्मक उपायों की घोषणा की है। इस तीखे कदम के बावजूद, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच व्यापार वार्ताएं फिलहाल जारी हैं।
व्हाइट हाउस में बुधवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा, “भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाले देशों में से एक है। हम उनसे बातचीत कर रहे हैं, देखते हैं आगे क्या होता है।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर यह टैरिफ 1 अगस्त से लागू करने की घोषणा की है।
भारत को बताया ‘उच्चतम टैरिफ लगाने वाला देश’
ट्रंप ने आरोप लगाया कि भारत 100% से लेकर 175% तक के आयात शुल्क लगाता रहा है, जिससे अमेरिका को व्यापार घाटा झेलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका को बहुत निर्यात करता है, लेकिन अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में समान अवसर नहीं मिलते।
“वे हमें बहुत कुछ बेचते हैं, लेकिन हम उन्हें नहीं… कारण है उनका बहुत ऊँचा टैरिफ,” ट्रंप ने कहा।

BRICS को बताया ‘अमेरिका विरोधी समूह’
ट्रंप ने BRICS संगठन की भी आलोचना की, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। उन्होंने इसे “अमेरिका विरोधी गठबंधन” बताते हुए कहा कि यह संगठन अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
“BRICS एक ऐसा समूह है जो डॉलर पर हमला कर रहा है। और हम ऐसा नहीं होने देंगे,” उन्होंने कहा।
इसके अलावा उन्होंने भारत-रूस ऊर्जा साझेदारी और रूस से हथियारों की खरीद को भी अमेरिका की नाराज़गी का कारण बताया।
मोदी से व्यक्तिगत संबंध, लेकिन व्यापार को लेकर नाराज़गी
ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने रिश्ते को “मित्रवत” बताया, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि भारत व्यापार में अमेरिका के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार नहीं कर रहा है।
“मोदी मेरे अच्छे मित्र हैं, लेकिन भारत ने हमेशा अमेरिकी बाजार से ज्यादा लिया है, दिया नहीं,” उन्होंने कहा।
Truth Social पर की गई घोषणा
इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर भी इस फैसले की घोषणा करते हुए लिखा:
“भारत वर्षों से व्यापारिक दृष्टिकोण से मुश्किल रहा है। उनके टैरिफ बेहद ऊँचे हैं, और उनकी गैर-राजकोषीय व्यापार बाधाएं सबसे जटिल और आपत्तिजनक हैं। साथ ही, वे रूस के सबसे बड़े ऊर्जा साझेदारों में शामिल हैं। इसलिए 1 अगस्त से भारत पर 25% टैरिफ और अतिरिक्त दंड लागू किया जाएगा।”
भारत की प्रतिक्रिया: ‘राष्ट्रहित सर्वोपरि’
भारत सरकार ने इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने किसानों, सूक्ष्म व लघु उद्योगों और उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “भारत और अमेरिका के बीच संतुलित व पारस्परिक लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में वार्ता जारी है। भारत इस प्रयास के लिए प्रतिबद्ध है।”
नज़रें अब अगली कूटनीतिक चाल पर
ट्रंप के इस कदम से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में अस्थिरता का संकेत मिलता है, हालांकि बातचीत के लिए खुले दरवाजे यह संभावना भी बनाए रखते हैं कि यह टकराव दीर्घकालिक नहीं होगा
