रायपुर। Chhattisgarh Assembly Budget Session 2026 के सातवें दिन सदन में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने अंततः सदन से वॉकआउट कर दिया।
ओंकार साहू ने उठाया मुद्दा
विधायक ओंकार साहू ने सवाल उठाते हुए पूछा कि पिछले तीन वर्षों में कितने वाहनों को बिना परीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी मांगी कि ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन और बिना बीमा चलने वाले वाहनों पर कितनी कार्रवाई हुई और कितनी राशि वसूली गई।
मंत्री केदार कश्यप ने दिया जवाब
इस पर परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बिना भौतिक परीक्षण के किसी भी वाहन को फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में ओवरलोडिंग और बिना परमिट संचालन के 77,810 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में विभाग ने 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपये की वसूली की है।
भूपेश बघेल ने उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि मंत्री द्वारा मांगी गई पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है और विभाग की ओर से लिखित जवाब भी नहीं आया। उन्होंने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पूरी जानकारी नहीं दी गई तो विपक्ष बहिष्कार करेगा।
अजय चंद्राकर और बघेल के बीच तकरार
इस दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रश्न पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन सदन में धमकी देना उचित नहीं है। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि परिवहन मंत्री का अपने विभाग पर नियंत्रण नहीं है और पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
विपक्ष का वॉकआउट
जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया। इस मुद्दे को लेकर सदन में कुछ देर तक माहौल गर्म बना रहा।
