रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर तैयार की जा रही मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) 23 दिसंबर 2025 को जारी किया जाएगा। इसके बाद नागरिक 22 जनवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कर सकेंगे।
घर-घर सर्वे पूरा, 2.12 करोड़ मतदाताओं को कवर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, 4 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक चले गणना चरण में राज्यभर में घर-घर सर्वे किया गया। इस दौरान 2 करोड़ 12 लाख से अधिक मतदाताओं के प्री-फिल्ड एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए। अभियान में 33 जिला निर्वाचन अधिकारी, 24 हजार से अधिक बीएलओ, हजारों सहायक अधिकारी और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही। राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 38 हजार से अधिक बूथ लेवल एजेंटों (BLA) ने भी प्रक्रिया की निगरानी की।
मृत, स्थानांतरित और दोहरे नामों की पहचान
सर्वे के दौरान मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाताओं की पहचान कर सूची तैयार की गई, जिसे BLO-BLA बैठकों के माध्यम से राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी जिलों की वेबसाइट पर ASD (Absent, Shifted, Dead) मतदाताओं की सूची अपलोड की जा रही है, ताकि आम नागरिक भी नाम की जांच कर सकें।
23 दिसंबर से 22 जनवरी तक दावा-आपत्ति का मौका
23 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नागरिक 22 जनवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए वोटर पोर्टल, ECINET मोबाइल ऐप या सीधे बीएलओ के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 निर्धारित किए गए हैं। 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाता भी इस अवधि में आवेदन कर सकेंगे।
दस्तावेजों की जांच के बाद होगा अंतिम फैसला
यदि किसी मतदाता के दस्तावेज या विवरण में विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित ERO द्वारा नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी। सभी दावों और आपत्तियों पर विधिवत जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा। दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचकों से अपील
निर्वाचन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 23 दिसंबर के बाद अपना नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में अवश्य जांचें और यदि कोई त्रुटि हो तो समय रहते सुधार कराएं। विभाग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य त्रुटिरहित, पारदर्शी और भरोसेमंद मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक सशक्त हो सके।
