रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजधानी नवा रायपुर में आज राज्योत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक रजत जयंती समारोह का उद्घाटन कर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उनके साथ मंच पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सदस्य एवं कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
राज्योत्सव मैदान में हजारों की संख्या में लोग जुटे। पूरा परिसर छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा को प्रदर्शित करती झांकियों, प्रदर्शनी और रंगीन सजावट से जगमगा उठा। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
🌾 25 वर्षों की गौरवगाथा
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 1 नवंबर 2000 को हुआ था। इस वर्ष राज्य अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। पांच दिनों तक चलने वाला यह आयोजन 1 से 5 नवंबर तक चलेगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों से लेकर बॉलीवुड स्टार्स तक मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे।
🎤 राज्योत्सव के मुख्य मंच पर रंगारंग कार्यक्रम
राज्योत्सव का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाणिज्य एवं व्यापार परिसर, नवा रायपुर से हुआ। सुबह 11 बजे प्रसिद्ध गायिका ऐश्वर्या पंडित के गीतों से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद पी.सी. लाल यादव, आरू साहू, दुष्यंत हरमुख, निर्मला ठाकुर और रात 8 बजे राष्ट्रीय कलाकार हंसराज रघुवंशी मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे।
📅 कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल:
- 2 नवंबर: पार्श्व गायक आदित्य नारायण रात्रि 9 बजे से प्रस्तुति देंगे। इससे पहले सुनील तिवारी, जय नायर चिन्हारी गर्ल बैंड, और पद्म डोमार सिंह कंवर नाचा दल मंच पर होंगे।
- 3 नवंबर: लोकप्रिय गायिका भूमि त्रिवेदी रात 9 बजे से प्रस्तुति देंगी। साथ ही पद्म उषा बारले (पंडवानी), राकेश शर्मा (सूफी गायन) और कुलेश्वर ताम्रकार (लोकमंच) अपनी प्रस्तुति देंगे।
- 4 नवंबर: रात 9 बजे अंकित तिवारी मंच संभालेंगे। शाम 6 बजे से कला केंद्र रायपुर बैंड, मती रेखा देवांगन, और प्रकाश अवस्थी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
- 5 नवंबर: समापन दिवस पर पार्श्व गायक कैलाश खेर रात 9 बजे से प्रस्तुति देंगे। शाम 6 बजे से मती पूनम विराट तिवारी और इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कलाकार मंच पर होंगे।
🎭 शिल्पग्राम मंच पर कला का संगम
राज्योत्सव के दौरान शिल्पग्राम मंच पर प्रदेशभर के लोक कलाकार अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन करेंगे।
- 1 नवंबर: मोहम्मद अनस (पियानो), मती बासंती वैष्णव (कत्थक), रमादत्त जोशी, सोनाली सेन, स्वीटी पगारिया, मंगलूराम यादव, चारूलता देशमुख, दुष्यंत द्विवेदी (पंडवानी) और लोकेश साहू (भजन)।
- 2 नवंबर: मती रेखा जलक्षत्रिय (भरथरी), इकबाल ओबेराय म्यूजिक ग्रुप, बसंतवीर उपाध्याय (मानस बैंड), दीपाली पांडेय (कत्थक), लिलेश्वर सिंह (लोकसंगीत) और जितेंद्र साहू (सोनहा बादर)।
- 3 नवंबर: डॉ. आरती सिंह (कत्थक), मती शांतिबाई चेलक (पंडवानी), गिरवर सिंह ध्रुव (भंजिया नृत्य), दुष्यंत दुबे (सुआ नृत्य) और घनश्याम महानंद (फ्यूजन बैंड)।
- 4 नवंबर: भूमिसूता मिश्रा (ओडिसी), चैतूराम तारक (नाचा दल), प्रीति गोस्वामी (कत्थक), विजय चंद्राकर (लोकसंगीत) और तिलक राजा साहू (लोकधारा)।
- 5 नवंबर: दुर्गा साहू (पंडवानी), सारिका शर्मा (कत्थक), संजय नारंग (लोकसंगीत), चंद्रशेखर चकोर (लोकनाट्य), नीतिन अग्रवाल (लोकगीत) और महुआ मजूमदार (लोकसंगीत)।
🌺 छत्तीसगढ़ की आत्मा को दर्शाता उत्सव
राज्योत्सव 2025 न केवल राज्य की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगा, बल्कि “नवा छत्तीसगढ़, नवा जोश” के संदेश के साथ विकास, नवाचार और सामाजिक समरसता की झलक भी पेश करेगा।
