बेंगलुरु, 03 अगस्त 2025।
कर्नाटक के हाई-प्रोफाइल रेप केस में SIT प्रमुख बी.के. सिंह ने कहा है कि अगर अन्य पीड़िताएं हिम्मत दिखाकर आगे आती हैं, तो उनके मामलों में भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। शनिवार को पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में सजा सुनाए जाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बयान आया।
बी.के. सिंह (ADGP, CID) ने कहा,
“यह फैसला उन सभी पीड़िताओं को हिम्मत देगा, जिन्होंने अब तक शिकायत दर्ज नहीं कराई। अगर वे अब भी सामने आती हैं, तो हम मामले दर्ज करेंगे।”
उन्होंने बताया कि इस केस में पीड़िता समाज के सबसे निचले तबके से थी, जबकि आरोपी राज्य के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार से आता है।
मामले की बड़ी बातें
- SIT के अनुसार, अप्रैल 2024 में हासन में 2,900 से ज्यादा अश्लील वीडियो क्लिप लीक हुए थे, जिनमें करीब 100 महिलाओं के वीडियो शामिल थे।
- इनमें से सिर्फ 4 महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई, जिन पर 3 रेप और 1 यौन उत्पीड़न का केस हुआ।
- SIT ने बताया कि 17 महीने के भीतर अधिकतम सजा दिलाना और आरोपी को जमानत नहीं मिलने देना, जांच टीम के लिए बड़ी उपलब्धि रही।
चुनौतियों के बावजूद जांच में सफलता
बी.के. सिंह ने बताया कि यह केस चुनौतीपूर्ण था क्योंकि अपराध 2021 में हुआ और केस 2024 में दर्ज हुआ।
“हमने बायोलॉजिकल, डिजिटल, मोबाइल और साइंटिफिक एविडेंस जुटाए। फॉरेंसिक रिपोर्ट में साबित हुआ कि वीडियो में नजर आने वाला शख्स प्रज्वल रेवन्ना ही था। पीड़िता के कपड़ों से भी DNA सैंपल मिले।”
उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं था। SIT टीम में ज्यादातर महिला अधिकारी थीं, जिनमें जांच अधिकारी शोभा एन. और पर्यवेक्षक अधिकारी सुमन डी. पेनकर शामिल रहीं।
